बढ़ा मलेरिया का प्रकोप, सितंबर में मिले 15 मरीज
शामली। जिले में मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। सितंबर में मलेरिया के सबसे ज्यादा 15 मामले मिले हैं। पिछले साल कुल 57 केस सामने आए थे, जबकि इस साल अब तक 65 मामले मिल चुके हैं।
अक्तूबर में मलेरिया व डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की ज्यादा जरूरत है। मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार के साथ नजला, जुकाम व खांसी के मरीज सबसे ज्यादा हैं, साथ ही मलेरिया का भी प्रकोप बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में सबसे ज्यादा 15 केस मलेरिया के सामने आए हैं, जबकि अगस्त में 12 केस मिले थे। इस साल में अब तक मलेरिया के 65 मरीज मिल चुके हैं। पिछले साल 2021 में मलेरिया के 57 केस मिले थे।
इस तरह से देखा जाए तो पिछले साल की तुलना में इस बार मलेरिया का प्रकोप बढ़ा है। इस साल डेंगू के 16 केस मिल चुके हैं। इनमें सितंबर में डेंगू के 14 मामले सामने आए हैं। अक्तूबर में बुखार के मामले में ज्यादा खतरा रहता है। इस महीने में मलेरिया के साथ ही डेंगू का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए इस महीने में लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल मलेरिया के केस ज्यादा मिले हैं, लेकिन बुखार नियंत्रण में है। अक्तूबर में मलेरिया व डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। इसलिए लोगों को बुखार से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। मच्छरों से बचाव के सभी तरीके अपनाने चाहिए। अगर किसी को बुखार होता है तो अस्पताल में चिकित्सक की सलाह से जांच और उपचार कराना चाहिए।
डेंगू के लक्षण:
- तेज बुखार होना।
- सिर दर्द होना, जी मिचलाना।
- उल्टी होना, सिर चकराना।
- मांस पेशियों व जोड़ों में दर्द होना।
- शरीर पर लाल भूरे रंग के चकते होना।
- थकान व कमजोरी महसूस होना।
मलेरिया के लक्षण:
- कंपकंपी के साथ तेज बुखार होना।
- सिर दर्द होना।
- उल्टी होना, जी मिचलाना।
- चक्कर और थकान होना।
- बचाव:
- घर व आसपास सफाई रखें।
- घर व आसपास पानी इकट्ठा न होने दे।
- फ्रिज की ट्रे, गमले, छतों पर पानी जमा न होने दें।
- कूलर को सूखाकर सप्ताह में पानी दो बार जरूर बदलें।
- जलभराव वाले स्थान पर एंटी लार्वा का छिड़काव या जला हुआ मोबिल ऑयल डालें।
- शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
- रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।