शामली। जिले में बारिश के बाद डेंगू का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया है। अकेले मुंडेट कलां गांव में स्वास्थ्य विभाग की जांच में डेंगू संभावित 25 मरीज मिले हैं, जिनकी एलाइजा जांच के लिए सैंपल लिए गए। इसके अलावा मलेरिया के संभावित 14 मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाई गई। जिले में इससे पहले एलाइजा जांच में 16 मरीजों में डेंगू की और 64 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है।
बारिश के बाद मच्छर पनपने के साथ ही बुखार के केस बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज भी बढ़ें है। स्वास्थ्य विभाग को गांव देहात से बुखार फैलने की सूचना पहुंचनी शुरू हो गई है। गांव मुंडेट कलां में डेंगू व वायरल बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा होने की शिकायत स्वास्थ्य विभाग को मिली। जिला मलेरिया विभाग की टीम ने मंगलवार को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच की गई। टीम में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार, प्रयोगशाला सहायक अवधेश वाड़ेकर, मलेरिया निरीक्षक सुबोध कुमार आदि मौजूद रहे।
शिविर में दिनभर मरीजों की भीड़ लगी रही। ज्यादातर बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज रहें। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि शिविर में 126 से अधिक मरीजों की जांच कर उन्हें दवा उपलब्ध कराई गई। इस दौरान मलेरिया के संभावित 14 मरीजों की रक्त पट्टिकाएं और डेंगू के संभावित 25 मरीजों के ब्लड सैंपल लिए गए, जिन्हें एलाइजा जांच के लिए सहारनपुर भेजा जाएगा। एलाइजा जांच के बाद डेंगू की स्थिति स्पष्ट होगी। इस दौरान गांव में एंटीलार्वा कीटनाशक का छिड़काव कराया गया। जिले में इससे पहले 16 मरीजों में डेंगू की और 64 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है।
ग्रामीणों को रोगों से बचाव के लिए किया जागरूक
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि मुंडेट कलां में ग्रामीणो को जागरूक किया गया। एक अक्तूबर से विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह चल रहा है। इसके तहत मंगलवार को ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जेई आदि से बचाव के लिए जागरूक किया गया और पंपलेट वितरित किए गए। ग्रामीणों को बताया कि बुखार होने पर केवल पैरासिटामोल की गोली लें। डिस्प्रीन या एस्टेरोएड आदि दवा का सेवन कभी भी न लें। खान पान में तरल पदार्थों का इस्तेमाल ज्यादा करें। बुखार होने पर नजदीकी सीएचसी व पीएचसी पर जांच व उपचार कराएं। चिकित्सक की सलाह से दवा ले। मच्छर से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहने और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
मुंडेट गांव में स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की जांच करती टीम।- फोटो : SHAMLI