शामली। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में सोमवार को शिक्षक-शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचे। विरोध करते हुए अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। साथ ही अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। वहीं शिक्षक संगठनों ने अपने मोबाइल से केवल अपने काम करने की बात कही। साथ ही सभी एआरपी व एसआरजी ने मांग पूरी न होने पर इस्तीफा देने की घोषणा की। शिक्षक एकता जिंदाबाद के नारे लगाए।
सोमवार को कलक्ट्रेट में ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में बड़ी की संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षक साथी अनुदेशक, शिक्षामित्र, एआरपी, एसआरजी, शिक्षक संकुल, डीसी, जिला एवं व्यायाम शिक्षक सभी ने एक आंदोलन रूपी ज्वाला के रूप में प्रतिभाग किया। इस दौरान शिक्षक साथियों ने मंगलवार को होने वाली संकुल बैठक का पूर्ण बहिष्कार करने, किसी भी शिक्षक संकुल साथी को डीसीएफ न भरने, सभी संकुल साथियों ने इस्तीफे की घोषणा, तीन एसआरजी और 15 एआरपी ने भी इस्तीफे की घोषणा की। इसके अलावा शिक्षकों ने मोबाइल हाथ में उठाकर घोषणा की कि सभी विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ेंगे और तत्काल रूप से सभी उपस्थित शिक्षकों ने व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए। शिक्षकाें ने कहा हमारा मोबाइल हमारे नाम, उससे करेंगे बस अपने काम। आगामी 29 जुलाई को दिल्ली में एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाने की बात कही।
इस दौरान जिलाध्यक्ष नवनीत कुमार, उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ से सुधीर राणा, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ऊन के ब्लॉक अध्यक्ष नीरज बड़सर, रजत देशवाल, अमित खैवाल, पवन जावला, खलील अहमद, बिलेंद्र चौहान, आदित्य कुमार, अमित निर्वाल, गौरव कुमार, शाइस्ता खान, दीपक वर्मा रहे।
-इन मांगों को पूरा कराने की मांग.....
-शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति साल में 31 ईएल अवकाश मिलें।
-साल में 15 सीएल आकस्मिक अवकाश मिलें।
-लीव मैनुअल को शामिल करें, शादी के लिए एक सप्ताह या 10 दिन का अवकाश मान्य हो।
-कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिले।
-ऑनलाइन हाजिरी का विरोध नहीं, बस सुधार की आवश्यकता
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष रश्मि चौधरी और शिक्षिका डोली का कहना है कि शिक्षकों को ऑनलाइन हाजिरी का विरोध नहीं है, बल्कि इसमें कुछ सुधार की आवश्यकता है। जैसे निर्धारित समय से शिक्षक एक सेकेंड भी लेट हो तो उसकी पूरे दिन की अनुपस्थिति लग जाएगी। वहीं यूटा जिलाध्यक्ष संजीव खोखर ने कहा कि यदि किसी शिक्षक के घर कोई अप्रिय घटना होती है तो अवकाश पर जाने की स्थिति में अनुपस्थिति लगेगी। इसमें व्यवहारिकता लानी चाहिए। शिक्षिका ज्योति का कहना है कि उनकी मांगे जल्द पूरी होनी चाहिएं ताकि किसी तरह की परेशानी नहीं हो।