फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: बैंक के शाखा प्रबंधक के विरुद्ध केस दर्ज करने का आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने उपभोक्ता के ऋण खाते के मामले में 42 हजार रुपये का गबन करने पर पंजाब एंड सिंध बैंक शामली के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजकुमार गर्ग के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और गबन की धनराशि की रिकवरी करने का आदेश सुनाया। इसके अलावा बैंक पर एक लाख रुपये जुर्माना अदा करने का भी आदेश जारी किया।
शहर के मोहल्ला पंसारियान निवासी इदरीश ने 12 नवंबर 2020 को आयोग में पंजाब एंड सिंध बैंक शामली के शाखा प्रबंधक, क्षेत्रीय प्रबंधक देहरादून और मुख्य कार्यालय नई दिल्ली के जनरल मैनेजर और तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजकुमार गर्ग के खिलाफ परिवाद दायर कराया था।
विज्ञापन

परिवादी ने बताया कि उसने शामली की बैंक शाखा से 19 सितंबर 2012 में छह गाय और चार भैंस के लिए साढ़े चार लाख रुपये का ऋण डेयरी लोन प्राथमिकता क्षेत्र स्कीम के तहत दिया गया और एक हजार रुपये से खाता खुलवाया गया।
परिवादी से 14 सितंबर 2012 को 35 हजार रुपये और तीन अक्तूबर 2012 को 25 हजार रुपये मार्जिन मनी के रूप में जमा कराए गए। उस समय तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने परिवादी का मोहल्ला पंसारियान स्थित प्लाट का असल बैनामा जमा कर ऋण स्वीकृत किया। बताया कि उसे साढ़े चार लाख रुपये में एक लाख 25 हजार रुपये की छूट मिलेगी, जो 30 माह के अंदर उनके खाते में पहुंच जाएगी। उन्हें 10500 रुपये की 42 किस्त अदा करने पर ऋण पूरा होना बताया गया। तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने जालसाजी से परिवादी से 75 हजार रुपये तीन अक्तूबर 2012 को एक लाख 25 हजार रुपये की छूट की बावत लिए और कहा कि छूट मिलने पर 75 हजार वापस मिल जाएंगे। यदि छूट नहीं मिलती तो ये रुपये ऋण में कम कर दिए जाएंगे। परिवादी का कहना है कि बैंक ने 42 किस्तों की जगह 50 किस्तों में कुल पांच लाख 95 हजार रुपये जमा करवा लिए। छूट के बारे में तत्कालीन शाखा प्रबंधक आश्वासन देते रहें, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद नए शाखा प्रबंधक ने बताया कि छूट के लिए उनकी फाइल बैंक से लखनऊ नाबार्ड बैंक नहीं भेजी गई। इससे उनका खाता एनपीए हो गया और रिकवरी जारी होने की नौबत आ गई। परिवादी को उनके ऋण खाते में पांच लाख 53 हजार रुपये ही जमा होना बताया गया।
विज्ञापन

तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजकुमार गर्ग द्वारा परिवादी से ली गई धनराशि, उसके खाते में प्रदर्शित की गई धनराशि का अंतर 42 हजार रुपये का गबन, आपराधिक न्यास भंग एवं आपराधिक दुरविनियोग के संबंध में तत्कालीन शाखा प्रबंधक के विरुद्ध बैंक के उच्चाधिकारियों द्वारा विभागीय जांच व एसपी शामली को एफआईआर दर्ज कर उचित जांच और कार्यवाही किए जाने के लिए निर्देशित किया। साथ ही विपक्षी बैंक को निर्देशित किया कि वह तत्कालीन शाखा प्रबंधक के बैंक खाते उसके द्वारा गबन किए गए 42 हजार रुपये की रिकवरी कर परिवादी के ऋण खाते में एंट्री करते हुए समायोजित करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें