शामली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि कैराना लोकसभा उपचुनाव में गठबंधन विपक्षी दलों का नहीं, बल्कि ठगों और बेईमानों का बना है। पूर्व की यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार चलवाने में सपा-बसपा का पूरा सहयोग रहता था, लेकिन भ्रष्टाचारी सरकार को जनता ने उखाड़ दिया। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, व्यापारी के हित में कार्य करने वाली भाजपा सरकार की लोकप्रियता से विपक्षी दल घबराए हुए हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह ने कहा कि जब मुख्यमंत्री से मुजफ्फरनगर, शामली के दंगे के मुकदमे वापस होने की वार्ता हुई, तो गठबंधन की प्रत्याशी के बेटे ने कहा था कि एक भी मुकदमा वापस हुआ, तो सड़कों पर धरना देंगे। यदि उनकी मां लोकसभा में पहुंचती है, तो एक भी मुकदमा वापस होने पर लोकसभा में भी धरना देंगी, वो शामली और मुजफ्फरनगर में शांति नहीं चाहते हैं। झगड़े और अशांति का क्षेत्र बनाना चाहते हैं।
बृहस्पतिवार को कैराना लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह का नामांकन दाखिल होने से पूर्व हुई सभा में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि पूर्व सांसद रहे हुकुम सिंह ने कैराना पलायन का जो मुद्दा उठाया, वह देश दुनिया तक गूंजा। गरीब, किसान, व्यापारी के हित में कार्य करने वाली भाजपा सरकार की लोकप्रियता से विपक्षी दल घबराए हुए हैं। जिन लोगों ने गठबंधन किया है, उनको कोई और प्रत्याशी नहीं मिला। कौन नहीं जानता कि कैराना के चारों तरफ गुंडागर्दी और अपराध को संरक्षण किस परिवार से मिलता था। इसलिए फिर से आतंकी, अत्याचार, गुंडागर्दी, अपराधियों के मनोबल को बढ़ाने वाले को मौका नहीं देना है। कैराना उपचुनाव से संदेश जाना है, अगर भाजपा की बिटिया मृगांका सिंह को जिताते हैं, तो केवल मृगांका सांसद नहीं बनेंगी, बल्कि हिंदुस्तान के 544 सांसदों को संदेश देंगे। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पहले पश्चिमी यूपी में बहू-बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं थी, दंगों से त्रस्त रहता था क्षेत्र। अलीगढ़ में कश्मीर की आजादी का नारा लगता है, ऐसी भाषा वालों को मुंहतोड़ जवाब कैराना सीट पर भाजपा प्रत्याशी की जीत के रूप में देना होगा।
प्रदेश सरकार में मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह ने कहा कि जब मुख्यमंत्री से मुजफ्फरनगर, शामली के दंगे के मुकदमे वापस होने की वार्ता हुई, तो गठबंधन की प्रत्याशी के बेटे ने कहा था कि एक भी मुकदमा वापस हुआ, तो सड़कों पर धरना देंगे। यदि उनकी मां लोकसभा में पहुंचती है, तो एक भी मुकदमा वापस होने पर लोकसभा में भी धरना देंगी, वो शामली और मुजफ्फरनगर में शांति नहीं चाहते हैं। झगड़े और अशांति का क्षेत्र बनाना चाहते हैं। प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा ने कहा कि हर कार्यकर्ता का संकल्प है कि कैराना से उठाई गई बाबूजी की आवाज को दबने नहीं देंगे। गठबंधन प्रत्याशी पर सवाल उठाया कि जब शामली में बच्ची से अत्याचार हुआ था, उस समय यही सांसद थीं, लेकिन पीड़िता की बात तक सुनने नहीं पहुंची थीं।
आंवला (बरेली) से सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश के हालात दूसरी सरकारों के देखे होंगे। मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान प्रदेश में दूसरे दल की सरकार थी। उस दंगे में रामलाल भी मारे गए थे और रमजानी भी। सरकार ने रमजानी की मदद की, लेकिन रामलाल के साथ नाइंसाफी की गई थी। उन्होंने कहा कि हमने एक ऐसे प्रधानमंत्री भी झेला, जो सरदार तो था, लेकिन असरदार नहीं था। कैराना लोकसभा के उपचुनाव में फैसला ए दोस्तों हो जाएगा तकदीर, कैराना में बजेगा डंका भाजपा की जीत का। इस दौरान राज्य मंत्री धर्म सिंह सैनी, सांसद संजीव बालियान, सांसद कांता कर्दम, सांसद विजयपाल सिंह तोमर, पूर्व मंत्री अशोक प्रधान, विधायक तेजेंद्र निर्वाल, पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही, पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी, बुलंदशहर से विधायक संजय शर्मा, पूर्व एमएलसी मंगलसेन कोरी, पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी, पूर्व विधायक जगत सिंह, विधायक सोमेंद्र तोमर, विधायक जितेंद्र सतवाई, विधायक मंजू सिवाच, विधायक लोनी नंदकिशोर, विधायक प्रमोद उटवाल, विधायक विजय कश्यप, विधायक प्रदीप चौधरी, विधायक केपी मलिक, सूरत सिंह वर्मा, राजीव गुम्बर, वाईपी सिंह, विधायक विक्रम सैनी आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
बाबूजी की यादें और भावनात्मक संदेश
शामली। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को जीत दिलाने के लिए भावनात्मक संदेश भी खूब दिए जा रहे हैं। शामली में बृहस्पतिवार को हुई सभा में जहां भाजपा नेताओं ने बाबू हुकुम सिंह की अच्छाइयों का गुणगान किया, तो सभास्थल के बाहर डिजिटल प्रचार वाहन से डाक्यूमेट्री फिल्म का प्रसारण भी कराया गया, जिसमें पूर्व सांसद हुकुम सिंह द्वारा कराए गए कार्य दिखाए जा रहे थे। वहीं, मंच से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने भावनात्मक अपील करते हुए यह भी कहा कि मृगांका सिंह के घर में सबकुछ है, लेकिन पहले तो मृगांका सिंह के सिर से मां का साया उठा, फिर समाज के हित में काम करने वाले उनके पिता हुकुम सिंह का साया छिन गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि हर कार्यकर्ता अब मृगांका सिंह को मां-बाप का
साया देने का कार्य करेगा। वहीं, भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह ने कहा कि जनता के विश्वास और समर्थन से बाबूजी को मान सम्मान और प्रतिष्ठा मिली। भावुक होते हुए कहा कि अपने पिता के पदचिह्नों पर चलकर मुझे भी जनसेवा में जीवन समर्पित करना है और बाबूजी के अधूरे कार्यों को पूरा करना है।
राज्यमंत्री धर्म सिंह सैनी की फिसली जुबान
शामली। प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री धर्म सिंह सैनी ने शामली में सभा के दौरान बाबूजी बगैर किसी जात-पात, भेदभाव के लोगों की बात सुनते थे और हर किसी की मदद करते थे। उन्होंने कहा कि जमीन का दाखिल खारिज करना तहसीलदार का कार्य होता है और उपचुनाव में क्षेत्र की जनता तहसीलदार है, जो मृगांका सिंह के नाम पर दाखिल खारिज का कार्य करेगी। इसी दौरान उनकी जुबान फिसली और बोले कि अगर यहां बैठी जनता दाखिल खारिज नहीं कर सकती है, तो बहनजी से चूड़ियां लेकर चले जाना और शर्म महसूस करना।
यदि दोनों पद जीत लिए तो क्या होगा -- अनिल
शामली। पिछले दिनों ही रालोद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अनिल चौहान ने भी विपक्षी दलों पर कटाक्ष करने में कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि छूटे हुए कारतूस, जिंदा कारतूस का मुकाबला नहीं कर सकते हैं। कैराना के सपा विधायक पर हमला करते हुए कहा कि म्हारी लोकसभा क्षेत्र यमुना के खादर में है, वहां से बदमाश गाय भैंस खोलकर ले जाते थे। उन्होंने कहा कि जब एक के जीतने पर ऐसा होता था, तो दोनों सीट जीतने पर क्या होगा। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में मेरी वजह से भाजपा प्रत्याशी की 21 हजार मतों से हार हुई थी, अब उपचुनाव में कैराना विधानसभा सीट से 21 हजार वोटों से ही जिताएंगे।
भाजपा की वजह से कश्मीर और कैराना सुरक्षित - निर्वाल
शामली। भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने कहा कि आज कश्मीर इसलिए सुरक्षित है, क्योंकि केंद्र में भाजपा की सरकार है और कैराना इसलिए सुरक्षित है, क्योंकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि पूर्व की प्रदेश सरकार के समय अपराधी की जाति और धर्म देखकर फैसला होता था, लेकिन अब भाजपा की सरकार में सब समान हैं।
बैनर पर नाम को लेकर रही चर्चा
शामली। भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के दौरान शामली में वीवी इंटर कॉलेज के पास जीवन कोल्ड स्टोर परिसर में हुई सभा में मंच के पीछे लगाए गए बैनर पर भाजपा नेताओं की नजरें रहीं। बैनर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय, पूर्व सांसद दिवंगत हुकुम सिंह और भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह का फोटो लगा था, लेकिन अन्य किसी वरिष्ठ नेता का नाम अथवा फोटो नहीं था। इसको लेकर भाजपा नेताओं में चर्चा बनी रही।
दो बसपा नेता हुए भाजपा में शामिल
शामली। कैराना विधानसभा सीट से 2017 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े दिवाकर कश्यप और नगर पंचायत ऊन के चेयरमैन कुलदीप मान ने बृहस्पतिवार को शामली में कार्यक्रम के दौरान भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उनका स्वागत किया।
यह नेता रहे मौजूद
शामली। भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, जिला प्रभारी संजीव सिक्का, मुजफ्फरनगर सदर विधायक कपिल देव अग्रवाल, राज्य महिला आयोग की सदस्य डाक्टर प्रियंवदा तोमर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रामजीलाल कश्यप, जिलाध्यक्ष पवन तरार, व्यापारी नेता घनश्यामदास गर्ग, मोहित जैन, पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल, जिला पंचायत अध्यक्ष के पति प्रसन्न चौधरी, हरवीर मलिक, डाक्टर मनोज चौधरी, मनोज शर्मा, रामकुमार सहरावत, अजय संगल, मोहित बेनीवाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, डाक्टर विपिन कौशिक, व्यापारी नेता अरुण वशिष्ठ, राजन बत्रा, अमित विश्वकर्मा, पुनीत द्विवेदी, रवि कश्यप आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।