जलालाबाद के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में प्रवेश के लिए जाती 105 आर्षमति माता । संवाद
जलालाबाद। बृहस्पतिवार सुबह 105 आर्षमति माता का कस्बे में मंगल प्रवेश हुआ। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान पार्श्वनाथ की महिमा के बारे में बताया।
धर्मसभा में उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है। मनुष्य को हमेशा अपने मन को वश में करने की शक्ति पैदा करनी चाहिए। जिस व्यक्ति का मन संयमित है, वह प्रभु की भक्ति कर सकता है। मंदिर समिति के सदस्यों व जैन समाज के लोगों को रात्रि भोजन का त्याग करने और प्रभु की भक्ति करने की बात कही। इस दौरान लोगों ने रात्रि में भोजन नहीं करने, कंदमूल और होटल के खाने का त्याग करने का संकल्प लिया। इसके बाद बृहस्पतिवार की सायं पांच बजे माता ससंघ श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र जलालाबाद से शामली की ओर मंगल विहार हुआ। मंगल विहार में सुशील कुमार जैन, अनिल जैन नानौता, हर्ष जैन, रोबिन जैन, अर्पण जैन, राहुल जैन, सतीस जैन, पंडित सनत जैन, सचिन जैन, मोहित जैन, पंकज जैन रहे।