कर्मचारियों की हड़ताल से एक अरब का लेनदेन प्रभावित
शामली। श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में ज्यादातर राष्ट्रीयकृत बैंकों और बीमा कंपनी कार्यालय में एक दिवसीय हड़ताल रही। हड़ताल के दौरान जिले में बैंक और बीमा कंपनी कार्यालय तो खुले, मगर कामकाज प्रभावित हुआ। बैंकों में लेनदेन नहीं होने से ग्राहक लौट गए। हड़ताल के चलते एक अरब रुपये से ज्यादा लेनदेन प्रभावित हुआ है।
बृहस्पतिवार को श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में ज्यादातर राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल रही। हड़ताल के दौरान बैंक शाखाएं खुली, मगर शाखा बैंकों को छोड़कर कर्मचारी हड़ताल में रहे। कर्मचारियों के बैंकों में न आने से लेनदेन का कार्य प्रभावित रहा। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक एंप्लाइज यूनियन के महासचिव नीरज कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा कारपोरेट घरानों के पक्ष में श्रम कानूनों में संशोधन कर ट्रेड यूनियन के अधिकार खत्म किए जा रहे हैं। सार्वजनिक उपक्रमों- बैंकों का निजीकरण किया जा रहा है। बैंककर्मियों ने एनपीएस को खत्म करके सभी के लिए पेंशन लागू करने की मांग की है। जिला अग्रणीय बैंक प्रबंधक शैलेश कुमार ने बताया कि जिले में 22 बैंकों की 111 शाखाओं में हड़ताल से 70- 80 करोड रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
बीमा दफ्तर में कामकाज प्रभावित
शामली। आईपीओ लाने के विरोध में जिले की शामली- कैराना में बीमा कार्यालय में हड़ताल के दौरान कामकाज प्रभावित रहा। बीमा कार्यालयों में काउंटर बंद रहने से 35- 45 लाख रुपये का बीमा किस्त जमा न होने से लोग परेशान रहे। जिला मुख्यालय पर एलआईसी कार्यालय में दो काउंटरों पर 25-30 लाख रुपये की बीमा की कंपनी किस्त प्रतिदिन जमा होती है। 25 कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बीमा की कोई भी किस्त जमा नही हो पाई है। उधर, कैराना में एलआईसी शाखा में 14 कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से 10- 15 लाख रुपये का एक काउंटर पर किस्त जमा नहीं हो पाई है। एलआईसी शामली के शाखा प्रबंधक अवनीश गोयल और कैराना एलआईसी के सहायक प्रबंधक अशोक आर्य का कहना है कि हड़ताल से कामकाज प्रभावित हुआ है। 35- 45 लाख रुपये की किस्त न जमा होने से काम प्रभावित हुआ है।
इन बैंकों में नहीं रही हड़ताल
शामली। शामली के स्टेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, जिला सहकारी बैंकों में हड़ताल नहीं हुई। पंजाब नेशनल बैंक शाखाओं में हड़ताल में दो गुट बन गए, जिसमें पचास फीसदी कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं।