शामली। डीजल-पेट्रोल की तस्करी करने वाले गिरोह ने अपने-अपने इलाके बांट रखे हैं। गिरोह के सदस्य हरियाणा से लेकर वेस्ट यूपी और उत्तराखंड तक अलग-अलग क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की होम डिलीवरी कर रहे हैं। पड़ताल के दौरान तस्करों ने बताया कि एक गाड़ी पर एक सदस्य को सात से दस हजार रुपये तक का कमीशन दिया जाता है।
बदमाशों की तरह बांट रखे है इलाके
संवाददाता : देशभर में तुम कुछ लोग ही कैसे तेल की होम डिलीवरी करा लेते हो?
सदस्य : जिस तरह बदमाशों ने अपने इलाके बांट रखे हैं, उसी तरह हमने भी इलाके बांट रखे हैं।
संवाददाता : तुम्हें कौन-सा इलाका मिला है?
सदस्य : वेस्ट यूपी और हरियाणा हम तीन लोगों के पास हैं। बाकी लोगों को उत्तराखंड और पंजाब दिए गए हैं।
सात से दस हजार मिलता है कमीशन
संवाददाता : एक गाड़ी की होम डिलीवरी पर कितना कमीशन मिलता है?
गुर्गा : एक गाड़ी में डीजल-पेट्रोल पहुंचाने पर सात से दस हजार रुपये तक कमीशन मिलता है।
संवाददाता : रुपये तुरंत मिल जाते हैं या इंतजार करना पड़ता है?
गुर्गा : तुम क्यों पूछ रहे हो?
संवाददाता : मुझे भी इस धंधे से जुड़ना है।
गुर्गा : भाई, कब जेल हो जाए कुछ पता नहीं। जो काम कर रहे हो वही करते रहो।
जिला आपूर्ति विभाग खानापूर्ति तक सिमटा
पुलिस ने गिरोह के हापुड़ और बदायूं के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन जिला आपूर्ति विभाग की कार्रवाई खानापूर्ति तक ही सीमित नजर आ रही है। विभाग ने गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास तक नहीं किया।
सप्लाई, वसूली और सुरक्षा की अलग-अलग जिम्मेदारियां
शामली। गिरोह के सदस्यों ने बताया कि सप्लाई, वसूली और सुरक्षा के लिए अलग-अलग लोगों की जिम्मेदारी तय होती है। जैसे ही शामली से हरियाणा में सप्लाई भेजनी होती है, तो सप्लाई करने वाले सदस्य अलग होते हैं। वहीं जहां माल पहुंचाना होता है, वहां के सदस्य अलग रहते हैं। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी अलग सदस्य तैनात रहते हैं, जो कार और बाइकों पर सवार होकर तेल से भरे वाहनों को लगातार सूचना देते रहते हैं।
तेल की तस्करी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस से सहयोग मांगा गया है। पेट्रोल पंपों पर भी छापेमारी की जा रही है। जल्द ही गिरोह का पूरी तरह खुलासा किया जाएगा।
अंकुर यादव, जिला आपूर्ति अधिकारी शामली
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