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Shamli News: जेई और एसडीओ की भूमिका की भी जांच में जुटे अधिकारी

Wed, 16 Sep 2026 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली/कांधला। कांधला क्षेत्र के डुढार 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत बिना स्वीकृति और एस्टीमेट के करीब 200 मीटर लंबी विद्युत लाइन शिफ्ट किए जाने के मामले में अब जेई और एसडीओ की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
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तीन आउटसोर्स कर्मचारियों के निलंबन के बाद विभागीय अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर संबंधित अधिकारियों की जानकारी और अनुमति के बिना लाइन शिफ्टिंग का काम कैसे करा दिया गया।
विभागीय नियमों के अनुसार विद्युत लाइन शिफ्ट करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत एस्टीमेट तैयार कराने, विभागीय स्वीकृति लेने और शुल्क जमा कराने की कार्रवाई की जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिजलीघर से जुड़ी लाइन को बिना इन प्रक्रियाओं को पूरा किए कैसे शिफ्ट कर दिया गया। अब जांच में यह भी देखा जा रहा है कि लाइन शिफ्टिंग की जानकारी संबंधित जेई और एसडीओ को थी या नहीं और यदि थी तो उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की।
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प्राथमिक जांच में आउटसोर्स लाइनमैन सतीश, नीरज और कुली विक्रम की भूमिका सामने आने के बाद तीनों को निलंबित किया जा चुका है। संबंधित आउटसोर्स कंपनी ने भी तीनों की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब विभागीय जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी देखी जा रही है।

अन्य की भूमिका की भी जांच कराई जा रही : एक्सईएन
विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार ने बताया कि मामले में तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। जांच में अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका भी देखी जा रही है। यदि किसी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


2024 में भी अवैध लाइन के मामले में हुई थी कार्रवाई
जिले में अवैध तरीके से बिजली लाइन खींचने का मामला पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में कैराना और कांधला क्षेत्र में बिना स्वीकृत एस्टीमेट के लाइन खींचने की शिकायत हुई थी। जांच में लापरवाही सामने आने पर ऊर्जा निगम के एमडी के स्तर से शामली के अधिशासी अभियंता समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। वहीं, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता राजकुमार का तबादला मुजफ्फरनगर कर दिया गया था। उस समय भी अधिकारियों से बिना एस्टीमेट लाइन खींचे जाने की शिकायत की गई थी और जांच के बाद कार्रवाई हुई थी।
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