शामली। शासन की जंग लगी व्यवस्थाओं का खामियाजा किसी न किसी रूप में लोगों को भुगतना पड़ता है। पांच महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के प्रशासनिक अधिकारी की मौत से शासन और प्रशासन दोनों की मंशा पर सवाल उठना लाजिमी है।
कई विभागों के कर्मचारियों ने दबी जुबान अधिकारियों से सवाल उठाया है कि आखिर समय पर वेतन दिलाने की जिम्मेदारी किसकी है। आखिर कब तक वेतन नहीं मिलने के कारण पारिवारिक कलह में लोग अपनी जिंदगी उजाड़ते रहेंगे। पुलिस को भी इन सवालों का जवाब ढूंढना होगा कि आखिर अधिकारी किन वजहों से मानसिक तनाव में आ गए थे। क्यों वह रोजाना शराब पीने लगे थे। महीनों से वेतन नहीं मिलने पर वह परिवार की किस तरह गुजर कर पा रहे थे।
विकास भवन कैंपस में रहने वाले प्रशासनिक अधिकारी वीडी मिश्रा का शव शनिवार सुबह करीब नौ बजे उनके सरकारी आवास में पड़ा मिला था। कमरे में शराब की खाली बोतलों के अलावा नमकीन के पाउच, ढाबे से मंगाए गए खाने की खाली प्लेट के अलावा टीवी और अन्य रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद हुआ था। इसके बाद कोतवाली शामली पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी व़ीडी मिश्रा की मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
डॉक्टरों ने उनका विसरा सुरक्षित कर लिया है। अब आगरा स्थित प्रयोगशाला से विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वीडी मिश्रा की मृत्यु के कारण का सही पता चल सकेगा। उधर, रविवार को वीडी मिश्रा के बेटे कमलेश मिश्रा कुछ अन्य लोगों के साथ शामली पहुंचे। शामली कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि वीडी मिश्रा का शव उसके परिवार वाले बाराबंकी ले गए हैं। उनके शव का वहीं पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।