शामली। केंद्रीय चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव निष्पक्ष संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर भी नेताओं और चुनाव प्रत्याशियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमें गठित हैं, लेकिन राजनीतिक लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। वोटरों के ध्रुवीकरण की कोशिश के लिए सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली जा रही हैं, जबकि प्रशासन इससे पूरी तरह अनजान बना हुआ है।
रविवार को कैराना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी के समर्थक ने व्हाट्सएप के एक ग्रुप पर पोस्ट डाली, जिसमें तमाम ऐसी बातें लिखी र्गइं, जो आचार संहिता उल्लंघन के तहत आती हैं। उसमें स्पष्ट लिखा गया कि यदि यूपी को पाकिस्तान बनने से बचाना है, तो जाग जाइए। यह पोस्ट व्हाट्सएप ग्रुप के सभी सदस्यों तक पहुंची।
इस बारे में एसडीएम कैराना भानू प्रताप यादव का कहना है कि अभी मेरी जानकारी में यह मामला नहीं आया है। यदि कोई व्यक्ति भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर डालता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर पूर्व में कई बार माहौल गरमा चुका है। कभी फेसबुक, तो कभी व्हाट्सएप पर भड़काऊ टिप्पणी डाली गई। मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे के दौरान भी सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाली गई थीं। संवेदनशीलता के लिहाज से शामली जनपद को लेकर भी प्रशासन गंभीरता बरतता है। बावजूद इसके आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन का लचर रवैया किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रहा है।