शामली में कैराना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने जाति विशेष के संबंध में व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी डालकर हंगामा खड़ा कर दिया। मामले की शिकायत करने थाने पहुंचे ग्रुप एडमिन (पत्रकार) को पुलिस ने थाने में बैठा लिया, जिसका पत्रकारों ने विरोध किया। उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई।
कैराना में एक पत्रकार ने व्हाट्सएप पर ग्रुप बना रखा है। मंगलवार सुबह कैराना क्षेत्र के एक ग्राम प्रधान ने जाति विशेष को लेकर उक्त ग्रुप पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट कर दी तथा 13 मिनट का ऑडियो भी पोस्ट कर दिया। इसकी जानकारी होने पर जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने अपर पुलिस अधीक्षक को निर्देश देकर उक्त पोस्ट पर ब्रेक लगाने तथा पोस्ट डालने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा।
उधर, इसी दौरान ग्रुप एडमिन (पत्रकार) कैराना थाने पहुंचा, तो पुलिसकर्मियों ने उसे भी थाने में बैठा लिया। पत्रकार ने कहा कि वह खुद ही इस मामले में शिकायत दर्ज कराने आया है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी एक नहीं सुनी। इसके बाद पत्रकारों ने इकट्ठा होकर थाने में पहुंचकर पुलिस के खिलाफ विरोध जताया तथा उच्चाधिकारियों से शिकायत की। तब जाकर पुलिस ने पत्रकार को छोड़ा।
पत्रकारों ने जिलाधिकारी सुजीत कुमार से मुलाकात कर कहा कि पुलिस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कर रही है। क्योंकि जिस प्रधान ने आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट डाली, उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने अपील की है कि व्हाट्सएप ग्रुपों पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री डालने से बचा जाए तथा ऐसी हरकत करने वाले लोगों को ग्रुप में ना जोड़ें।