शामली। चौसाना में गली के अंदर चल रहे केयर क्लीनिक में लगी आग से किसी जान की हानि नहीं हुई हो लेकिन इसी तरह के नर्सिंग होम जिले भर में चल रहे हैं। यहां आग बुझाने की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। फायर सिंलिंडर तक नहीं है। आग लगने पर यह पूरी तरह दमकल विभाग के भरोसे हैं और दमकल के वाहन इन तंग गलियों में घुसने में दिक्कत होती है। दमकल विभाग जांच का दम भरता है लेकिन इनके नाम पर भी महज खानापूरी होती है।
जिले में कागजी फायर ऑडिट चलता है। एक साल में 100 से अधिक अस्पताल, नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर संचालकों को नोटिस जारी किए गए मगर 60 प्रतिशत ने भी जवाब नहीं दिए। अधिकारियों ने फिर से ऑडिट करने की बात कही है। रविवार को शहर के तंग गलियों में चल रहे कुछ प्राइवेट अस्पतालों में जाकर पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आई। संचालक भी बेफिक्र नजर आए। कैराना, थानाभवन, जलालाबाद, कांधला और अन्य स्थानों पर गली मोहल्लों में बिना फायर एनओसी और फायर उपकरणों के अस्पताल, नर्सिंग होम चल रहे हैं, मगर दमकल विभाग के अधिकारी नोटिस देने तक ही सीमित है।