शामली। मौसम में आ रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। इस मौसम में शरीर में दर्द के साथ साइटिका की शिकायतें भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 40 से 50 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राघव अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में 250 के आसपास हड्डी संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों में 40-50 मरीज साइटिका के दर्द की समस्या लेकर लेकर आ रहे हैं। इसमें मरीजों को पैर में तेज दर्द के साथ जलन, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होता है। कई मामलों में पैर में कमजोरी की शिकायत होती है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठना, ठंड के संपर्क में रहना और शारीरिक गतिविधियों की कमी से यह समस्या बढ़ सकती है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामनिवास ने बताया कि रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में खिंचाव या दबाव पड़ने से साइटिका की समस्या होने का खतरा रहता है। इसमें दर्द कमर के निचले हिस्से से पैर तक पहुंच सकता है। इस तरह के दर्द को नजरअंदाज न करके चिकित्सक की सलाह से दवा लेनी चाहिए। आयरन और विटामिन बी-12 युक्त संतुलित भोजन लेना चाहिए।
इस तरह से आ रहे केस
शामली निवासी 48 वर्षीय सुमित ने बताया कि कुछ दिनों से कमर के निचले हिस्से से लेकर एक पैर में तेज दर्द और झनझनाहट की समस्या बनी है। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य बदन दर्द समझकर घरेलू उपाय किए, लेकिन दर्द बढ़ने पर जिला अस्पताल में चिकित्सक ने साइटिका से संबंधित समस्या बताई।
झिंझाना निवासी 40 वर्षीय पूनम ने बताया कि लंबे समय तक बैठने और उठने के दौरान दर्द अधिक महसूस होता है। पैर में सुन्नपन और झनझनाहट होती हैप्आ चिकित्सक ने साइटिका का दर्द बताते हुए आराम करने के साथ ही दवा दी है।
ये बरतें सावधानी
लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें।
बैठते समय कमर को उचित सहारा दें।
लगातार कई घंटे बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर हल्की गतिविधि करें।
भारी सामान अचानक उठाने से बचें।
नियमित रूप से हल्की कसरत और शरीर को सक्रिय रखें