शामली जिले में एड्स के मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। बीते पांच सालों में एड्स के मरीजों की संख्या दो गुना से ज्यादा हो गई है। जांच में एचआईवी पॉजीविट मिले मरीजों का स्वास्थ्य विभाग चिह्नीकरण कर इलाज करा रहा है।
एड्स के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और मनुष्य का शरीर बीमारियों से घिर जाता है, जिससे इंसान की मौत हो जाती है। जागरूकता की कमी और असुरक्षित यौन संबंध और अन्य लापरवाहियों के कारण लोग एड्स की चपेट में आते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसकी निशुल्क जांच सरकारी अस्पताल में मुहैया कराई जाती है। इसी कड़ी में पिछले पांच सालों में एचआईवी पॉजिटिव में दो गुना से ज्यादा मरीज हो गए है।
शामली में पांच सालों में इस तरह बढ़े एड्स के मरीज
साल -- जांच की गई --- पॉजिटिव
2013-----4600 ---------- 21
2014 -----3474---------- 29
2015 -----3525 ---------- 37
2016 -----5329 ---------- 45
2017 -----5672 ---------- 57
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घबराए नहीं, सरकारी अस्पताल में कराएं चेकअप
डाक्टरों का मानना है कि इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। शक होने पर अपना चेकअप सरकारी अस्पताल में निशुल्क कराएं। वहां पर जांच कराने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके साथ ही यदि एचआईवी पॉजिटिव आ जाता है तो उसका इलाज भी सरकारी अस्पताल में शुरू करा दिया जाएगा। यदि स्वास्थ्य विभाग की नजरों में एचआईवी मरीज आ जाता है तो उससे बीमारी के फैलने से अंकुश लगा पाना संभव हो जाता है।
ये हैं एड्स से ग्रसित होने के कारण
- किसी अन्य महिला के साथ असुरक्षित यौन संबंध
- एचआईवी से ग्रसित ब्लड चढ़ाए जाने से
- डाक्टर द्वारा संक्रमित सुई का प्रयोग किए जाने से
- शेविंग करते हुए बार्बर द्वारा पुरानी ब्लेड से शेविंग करना
- मां से शिशू में संक्रमण
---------ये हैं एड्स से बचाव के तरीके
- असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बचे
- शक होने पर सरकारी अस्पताल में अपना एचआईवी टेस्ट जरूर कराएं
-आवश्यकता पर डाक्टर के यहां जाना पड़े तो ध्यान रखे इंजेक्शन के लिए नई सीरिंज प्रयोग में लाई जाए
एचआईवी पॉजीटिव होने के लक्षण
- एड्स के अन्य कारणों के साथ मनुष्य के शरीर का वजन कम होना
- दिन ढलने के बाद एकाएक सिर दर्द का बढ़ना और पूरा दिन हल्का-हल्का सिर में दर्द रहना
- सोते समय अधिक पसीना आना और शरीर हमेशा थका थका सा रहना
- पानी पीने के बाद भी गले में खराश के साथ दर्द रहना भी लक्षण हो सकता है
- समय-समय पर बुखार आना
- तनाव, जुकाम और एकाग्रता में लगातार कमी आना भी एड्स के लक्षणों में शुमार है।
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पांच साल में एड्स के मरीजों की संख्या शामली जिले में बढ़ी है, मरीजों का इलाज भी किया जा रहा है। साथ ही इनको जागरूक किया जा रहा है। संदेह होने पर सरकारी अस्पताल में एड्स की निशुल्क जांच जरूर करा लेनी चाहिए, इससे बीमारी फैलने से रुक जाती है। - डाक्टर राजकुमार, सीएमओ