शामली। बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए यह खबर जरूरी है। यदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन सीज होता है तो मालिकों को वाहन खड़ा करने का किराया देना पड़ेगा। किराया नहीं दिया तो सीज वाहन का जुर्माना चुकाने के बाद भी वाहन को नहीं छुड़ाया जा सकेगा। इसके लिए जल्द ही जिले में नए एआरटीओ कार्यालय के पास ही डिटेंशन यार्ड स्थापित करने की तैयारी है। इसके लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों ने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। शासन से मंजूरी मिलते ही यार्ड को स्थापित कर दिया जाएगा।
अभी यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर यदि किसी वाहन को सीज किया जाता है तो उसे पुलिस चौकी, थाने या फिर अन्य स्थानों पर खड़ा करना होता है। इस दौरान कई बार वाहनों से चोरी होने की संभावना बनी रहती है। हालांकि कोई सामान चोरी नहीं हों, पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होती है। सीज वाहन के खड़े रहने के दौरान मालिक को कोई किराया चुकाना नहीं पड़ता। कोर्ट के आदेश पर वाहन छुड़ाते हैं और उन्हें लेकर चले जाते हैं, मगर अब ऐसा नहीं होगा। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जिले में डिस्टेंशन यार्ड यानी वाहन निरुद्ध स्थल खोलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। जिसे नए एआरटीओ कार्यालय के पास स्थापित करने की तैयारी है। यह एक प्रकार से सरकारी वाहन स्टैंड ही माना जाएगा। एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि इससे मालिकों के वाहनों की सुरक्षा भी रहेगी। कम से कम चार्ज पर वाहनों को डिस्टेंशन रुम में खड़ा किया जा सकेगा। यहां सिर्फ सीज वाहन ही खड़े कराए जाएंगे।
-प्रयास रहेगा कि पुलिस चौकी भी बनवाई जाएगी
एआरटीओ के अनुसार खोले जाने वाला डिटेंशन यार्ड पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। यहां पर रखे जाने वाले वाहनों की सुरक्षा के लिए यहां पर पुलिस तो तैनात रहेगी। साथ ही प्रयास रहेगा कि एक पुलिस चौकी भी विभागीय अधिकारियों के सहयोग से स्थापित कराई जाए। कोर्ट के आदेश और अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद वाहन मालिक को दिया जा सकेगा।
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3 हजार से अधिक वाहन होते हैं सीज
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, एक आंकड़े के अनुसार जिलेभर में हर माह दुपहिया, चौपहिया और अन्य करीब 3 हजार वाहनाें को कागज नहीं होने पर सीज किया जाता है। जिन्हें कोतवाली, पुलिस चौकियों में रखा जाता है। बाद में कोर्ट के आदेश पर सीज वाहनों को छोड़ा जाता है।