शामली। देशविरोधी गतिविधियों में युवाओं को जोड़ने के लिए आईएसआई से जुड़े नेटवर्क अब नया तरीका अपना रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवतियों के माध्यम से युवाओं को जाल में फंसाया जा रहा है।
जांच के अनुसार जैसे ही किसी युवक को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जाता है, गिरोह से जुड़ी युवतियां उससे व्यक्तिगत रूप से व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर संपर्क करना शुरू कर देती हैं। पहले दोस्ती और फिर प्यार का झांसा दिया जाता है। इसके बाद युवकों को देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करने का दबाव बनाया जाता है। यदि कोई युवक इन गतिविधियों से इनकार करता है, तो उसे हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश की जाती है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बुटराड़ा गांव का गिरफ्तार आरोपी समीर मथुरा की मीरा के संपर्क में था। गाजियाबाद के डीसीपी धवल जायसवाल के अनुसार, गिरोह से जुड़े अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
मुंबई में होती थीं बैठकें
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह से जुड़े सदस्यों की बैठकें मुंबई में होती थीं। मीरा समेत अन्य सदस्य वहां जुटते थे और कई बार समीर व अन्य आरोपी भी इन बैठकों में शामिल हुए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बैठकों में कौन-कौन लोग शामिल हुए और किन नए युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी की जा रही थी।