शामली। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पुरुष कर्मचारियाें को हटाकर पहले झटका दिया गया था, लेकिन एक बार फिर उनका नवीनीकरण करने के लिए न्यायालय के आदेश पर हरी झंडी मिल गई है। केजीवीए विद्यालयाें से हटाए गए कर्मचारियों का नवीनीकरण कर उनकी सेवा विद्यालय में ली जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय से नवीनीकरण की तैयारी शुरू हो गई है।
सरकार की ओर से अप्रैल में आदेश जारी किया गया था कि जिसमें पुरुष कर्मचारियों की विद्यालय में नई नियुक्ति न करने और तैनात कर्मचारियों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई थी। जिस पर विद्यालय के पुरुष कर्मचारी न्यायालय चले गए थे। न्यायालय में मामले की सुनवाई चल रही है, न्यायालय ने भारत सरकार के आदेश पर स्थगन आदेश जारी किया था। उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के परिपेक्ष्य में राज्य परियोजना निदेशक की ओर से बीएसए को पत्र जारी कर पुरुष कर्मचारियों का नवीनीकरण कर तैनाती करने के लिए कहा है। परियोजना कार्यालय से कहा गया है कि पुरुष कर्मचारियाें को वहां से नहीं हटाया जाएगा और विद्यालयों में उनकी सेवा ली जाएगी। बता दें कि जनपद में चार कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में करीब छह कर्मचारियों को हटाया गया था, लेकिन अब वह फिर से ये अपनी सेवा विद्यालयों में दे सकेंगे। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा राजीव कुमार ने बताया कि परियोजना से पत्र आ गया है। जल्द ही नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।