शामली। कैराना विधायक नाहिद हसन के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद पुलिस को अब विवाद की वजह बनी गाड़ी की तलाश है, जो इस केस की जांच की अहम कड़ी है। पुलिस ने विधायक को नोटिस जारी कर गाड़ी उपलब्ध कराने को कहा है। एसपी का कहना है कि ये गाड़ी अब पुलिस की केस प्रापर्टी है। विधायक ने गाड़ी नहीं सौंपी और जांच में सहयोग नहीं किया तो गिरफ्तारी भी संभव है।
दरअसल ये पूरा केस पिजेरो स्पोर्ट गाड़ी पर टिका है। इसी गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट पर पीजेपी -32 नंबर लिखा था। ये नंबर अधूरा है। जाहिर है कि इस नंबर की गाड़ी कहीं रजिस्टर्ड भी नहीं मिलेेगी। हालांकि पुलिस के अनुसार ये नंबर पंजाब के पटियाला का है, वहां पर इन नंबर की गाड़ी रजिस्टर्ड भी नहीं थी। हालांकि विधायक पक्ष ने ये गाड़ी सिद्धार्थ वर्मा नाम के व्यक्ति की बताई है। उसे पुलिस के सामने पेश भी किया था, लेकिन पुलिस के पास गाड़ी की नंबर प्लेट पर लिखे नंबर के अलावा और कुछ नही है पुलिस अब गाड़ी की चेसिस नंबर आदि अन्य पहचान के माध्यम से ये पता करेगी कि ये गाड़ी किस शोरूम से कब सेल हुई। इसके मालिक कौन है और उनका पता क्या है। इसके लिए पुलिस को उस गाड़ी की जरूरत है लेेकिन पुलिस के पास ये गाड़ी नहीं हैं। बताया जाता है कि पुलिस ने देर शाम तक गाड़ी मंगाने के अपने स्तर से प्रयास किए लेकिन गाड़ी नही मिल सकी थी।
पुलिस का आरोप विधायक के कृत्य से कस्बा ओर ग्रामीण क्षेत्र भयभीत
शामली। पुलिस द्वारा तहरीर के आधार पर जो रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसमें बताया गया है कि विधायक के इस कृत्य से आज भी कैराना कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र में काफी लोग भयभीत हैं। पुलिस ने तहरीर में जिले में धारा 144 लगने का जिक्र करके उससे उल्लंघन में भी मौके पर भीड़ जमा करने का आरोप लगा उस धारा में भी केस दर्ज किया है।
पहले भी विवादों में रहे हैं विधायक नाहिद हसन
शामली/कैैराना। सपा विधायक नाहिद हसन पहले से ही विवादों में रहे हैं। हाल ही में ठेली वालों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के मामले में जारी विधायक नाहिद हसन की एक विवादित बयान वाली वीडियो को लेकर भी खूब हल्ला हुआ था। इसके अलावा एक तहसील कर्मी को धमकाने की वीडियो भी वायरल हुई थी। चर्चा है कि इन तमाम तथ्यों को आधार बनाकर संभवत पुलिस प्रशासन विधायक नाहिद हसन की मां तबस्सुम हसन द्वारा धरने देने की अनुमति ना दे। जिला पुलिस ने अतिरिक्त पीएसी और अर्द्धसैनिक बल की मांग की है। एसपी अजय कुमार ने बताया कि अभी तक किसी भी प्रकार के धरने की अनुमति नहीं हुई है। यदि अनुमति नहीं हुई और काई बिना अनुमति धरने प्रदर्शन का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में वैसे भी धारा 144 लगी है। जिले में छह कंपनी अर्द्धसैनिक बल मांगा गया है॥ इसमें से रात को चार कंपनी जिले को मिल गई हैं।
कैराना पर टिकी पुलिस और खुफिया की निगाहें
शामली /कैराना। सपा विधायक नाहिद हसन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन की नजरें कैराना के माहौल पर टिक गई हैं। विधायक नाहिद हसन की मां और पूर्व सांसद तबस्सुम हसन ने इस प्रकरण के विरोध में 16 सितंबर को तहसील परिसर में करीब एक लाख लोगों के साथ धरने पर बैठने की अनुमति प्रशासन से मांगी है। हालांकि अभी तक इसकी अनुमति नही हुई है, लेकिन पुलिस प्रशासन ने किसी भी परिस्थिति से निबटने को एहतियातन अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
वीडियो वायरल होने का भी शोर मचा
कैराना। शुक्रवार को कस्बे में शोर मचा कि 16 सितंबर के प्रस्तावित धरने को लेकर पूर्व सांसद तबस्सुम हसन पक्ष की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई है। लोगों से धरने में पहुंचने की अपील की जा रही है। इसका वीडियो भी वायरल होने का शोर मचा लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई।
बंद कमरे में घंटों हुई मंत्रणा
कैराना। विधायक पर मुकदमा दर्ज होने के बाद शुक्रवार सुबह ही एसडीएम डॉ अमितपाल शर्मा और सीओ राजेश कुमार तिवारी कोतवाली पहुंच गए। इसके कुछ ही देर बाद शामली से खुफिया विभाग के अधिकारी भी कैराना कोतवाली पहुंचे। इस दौरान एसडीएम और सीओ ने खुफिया विभाग के अधिकारियों और कैराना कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा से घंटो बंद कमरे में गहन मंत्रणा की।
फोर्स के साथ पुलिस सपा विधायक को तीन नोटिस देने पहुंची, जमा हुई भीड़
-नोटिस में आज का दिया गया है समय
कैराना। सपा विधायक नाहिद हसन पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने फोर्स के साथ शुक्रवार देर रात विधायक के घर पहुंचकर तीन नोटिस दिये हैं। इस दौरान विधायक के आवास के बाहर काफी भीड़ एकत्रित हो गई थी। शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे सीओ राजेश कुमार तिवारी, कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा पुलिस बल के साथ नाहिद हसन के आवास पर पहुंचे। एसपी अजय कुमार के अनुसार पुलिस ने तीन नोटिस दिए हैं। इनमें एक नोटिस में विधायक को उपस्थित होकर मुकदमें में अपना पक्ष रखने को कहा गया है। दूसरे नोटिस में गाड़ी के सभी दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराने और तीसरे नोटिस में संदिग्ध नंबर प्लेट वाली गाड़ी पुलिस को देने को कहा गया है। कोतवाली प्रभारी के अनुसार देर रात उन्होंने ये तीनों नोटिस विधायक के निवास पर जाकर दिये। वहां पर नाहिद हसन की माता पूर्व सांसद तबस्सुम हसन मौजूद थी लेकिन नोटिस उनके अधिवक्ता नसीम अहमद ने लिए। कोतवाली प्रभारी के अनुसार नोटिस में 14 सितंबर तक का समय दिया गया है।