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कोरोना से डरें नहीं, बस थोड़ा संयम रखें

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शामली सीएमओ डा0संजय भटनागर - फोटो : SHAMLI
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शामली। कोरोना के डर से शामली और सहारनपुर जिले में दो लोग अपनी जान दे चुके हैं। जाहिर है इस संक्रमण को लेकर लोगों में डर है, लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि इस बीमारी से जागरूकता के लिए डर जरूरी है। देश में कोरोना पॉजिटिव लोग भी ठीक होकर अपने घर जा रहे हैं। शामली में कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट भी नेगेटिव आ गई है। इससे म़ृत्यु दर भी बेहद कम है। ऐसे में लोग अपने मन से इस तरह की भ्रांति निकाल दें और थोड़ा संयम रखें।
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मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण राय का कहना है कि कोरोना को लेकर ऐसे लोगों के मन में यह डर पैदा हो रहा है कि यदि उन्हें कुछ हो गया तो 14 दिन अकेले रहना पड़ेगा। मन में घबराहट होगी। पता नहीं ठीक भी होंगे या नहीं। ये सब चीजें डर पैदा करने वाली हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इसके लक्षण नजर आने पर उसे कोरोना ही हो गया है। मौसम बदल रहा है ऐसे में खांसी, नजली ,फीवर सामान्य भी हो सकता है और अधिकांश मामले इसी के होते हैं, लेकिन लोग बहुत घबरा जाते हैं। क्वारंटीन में अकेले और एकांत में रहकर भी मन में कई सवाल घूमते हैं इसलिए बेहतर होगा कि जो लोगों क्वारंटीन में है उन्हें खुद को व्यस्त रखें।
सीएचसी शामली के आइसोलेशन वार्ड के इंचार्ज डॉ. विजेंद्र कुमार का कहना है कि कोरोना से घबराएं नहीं। कोरोना को लेकर मन में डर पैदा न करें। धैर्य के साथ मन को मजबूत बनाएं और सकारात्मक भाव रखें। बीमारी से लड़ने का साहस रखें, इससे हताश न हों, क्योंकि कोरोना वायरस के संक्रमण होने से मृत्यु की दर बहुत ही कम है। उपचार मिलने पर मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। क्वारंटीन में रखने का मतलब यह नहीं होता कि वह बीमार है। उसे एहतियात के तौर पर रखा जाता है, ताकि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक वह खुद भी सुरक्षित रहे और दूसरे लोग भी उसके संपर्क में आने से बच सकें । उन्होंने कहा कि मन को खुश रखें और मनोरंजन के लिए टीवी व अन्य तरीके अपनाएं। अगर किसी को घबराहट या दिल धड़कन ज्यादा महससू हो तो चिकित्सक की सलाह लें।
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कोरोना को लेकर मन में किसी तरह का डर न पालें। इसे लेकर हताश न हंो। इससे बचाव के लिए धैर्य रखें और सावधानी बरतें। अगर किसी को कोई परेशानी होती है तो चिकित्सक की सलाह लें।
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-डा. संजय भटनागर, सीएमओ।
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