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नो कैश का बोर्ड देख भड़के लोग, हंगामा

Sat, 03 Dec 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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revel - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। कस्बे के कोआपरेटिव बैंक में कैश नहीं होने पर ग्राहकों ने हंगामा करते हुए पानीपत खटीमा राजमार्ग पर जाम लगा दिया। आरोप लगाया कि बैक कर्मचारी करेंसी होने के बाद भी ग्राहकों को मना कर रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाते हुए जाम खुलवाया।
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शुक्रवार को कस्बे के सभी बैंकों के बाहर सुबह पांच बजे से ही लाइनें लग गई थी। सुबह 10 बजे जैसे ही कोआपरेटिव बैंक खुला तो बैंक के बाहर नो कैश का नोटिस लगा दिया।

जिसके बाद कई घंटों से लाइन में लगे लोगों में रोष फैल गया। लोगों ने बैंक प्रबंधक के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए पानीपत खटीमा राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। जाम लगने से सड़क के दोनों और वाहनों की कतार लग गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा जाम लगा रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया।
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उधर, पीएनबी में भी कम कैश आने के कारण खाता धारक को खाते से केवल चार हजार निकालने की ही सुविधा दी गई। केनरा बैंक में भी सांय के समय कैश खत्म होने पर लोगों को मायूसी हाथ लगी।

कोहरे में भी लगी लंबी लाइन
थानाभवन। बैंकों के बाहर घने कोहरे और ठंड के बावजूद लोगों की लंबी लाइन लगी रही हैं। वहीं, ओबीसी बैंक के खुलते ही नो कैश का नोटिस लगाने पर लोगों ने हंगामा किया।

शुक्रवार को कस्बे के पीएनबी, ओरियंटल बैंक, यूनियन बैंक, स्टेट बैंक, सर्वयूपी ग्रामीण बैंक के सामने घने कोहरे व ठंड के बावजूद लोगों की लंबी कतारें लग गई थी। 10 बजे बैंकों के खुलते ही लोगों को नकदी मिलने की आस जगी, लेकिन ओबीसी बैंक के गेट पर नो कैश का नोटिस चस्पा होने के कारण हंगामा किया। शाखा प्रबंधक ने उन्हें समझाया आज कैश नहीं आया है और देर तक कैश पहुंचेगा। जिसके बाद लोग बड़ी मुश्किल से लोग माने। लोगों के जाते ही बैंक कर्मी ने मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। ग्रामीण विकास बैंक में दस दिन बाद आज लोगों को दो से चार हजार की नकदी दी गई। 

पीएनबी और यूनियन बैंक का भी यही हाल रहा। स्टेट बैंक के सामने लोग प्रात: छह बजे ही पहुंच गए थे और बैंक के गेट के सामने ही बैठ गये थे। बैंक ने दोपहर बाद तक लोगों को कैश वितरित किया। कोआपरेटिव बैंक में जमा लोग अधिकतर किसान थे। जिनमें नरेंद्र सिंह, शक्ति सिंह, सचिन ठाकुर, ऋषिपाल, शमशाद आदि का कहना था। बैंक में हमारे खाते बहुत पुराने है फिर भी बैंक 500-1000 का नोट जमा नहीं कर रहा है। उधर पेट्रोल पंपों पर 500 के नोट चलने का अंतिम दिन होने के कारण तेल लेने वालों की भारी भीड़ जुटी रही।
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