कैराना सरकारी अस्पताल में नवजात शिशु के बारे में जानकारी लेते यूनिसेफ के मानिर्टर मोहन लाल शर्म?
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नवजात शिशुओं की देखभाल के दिए टिप्स
शामली, कैराना। सहारनपुर से यूनिसेफ के एचबीएनसी (होम बेस न्यू बोर्न केयर) मॉनिटर ने कैराना सरकारी अस्पताल पहुंचकर नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की जांच की। उन्होंने नवजात की माताओं, लेबर रूम के स्टाफ को शिशुओं की देखभाल और स्वास्थ्य के टिप्स दिए।
शुक्रवार को सहारनपुर से यूनिसेफ के एचबीएनसी मॉनिटर मोहनलाल शर्मा कैराना सरकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार को साथ लेकर जच्चा-बच्चा केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक दो घंटे पहले जन्मी अपनी छोटी बहन को गोद में उठाए एक बच्ची से पूछा कि अपनी छोटी बहन को कब नहलाओगी तो बच्ची ने तपाक से उत्तर दिया कि डाक्टर मैडम ने बताया कि इसको आठ दिन बाद नहलाना है। दो नवजात का वजन कराया तो एक बच्ची का वजन दो किलो 550 ग्राम तथा दूसरे का वजन दो किलो 400 ग्राम आया जो मानक ढाई किलो से 100 ग्राम कम है।
यूनिसेफ के मॉनिटर मोहनलाल शर्मा ने कहा कि जिस नवजात का वजन एक किलो 800 ग्राम आता है उसको हायर सेंटर रेफर किया जाता है तथा 2.5 किलो से कम वजन के नवजात की अच्छी देखभाल की जाती है। नवजात को शुरू में मां का पीला दूध पिलाना जरूरी होता है। जन्म के छह माह तक मां का दूध, जन्म के 7वें दिन नवजात को नहलाना चाहिए। नवजात की नाभि नाल पर कुछ नहीं लगाना चाहिए, तथा नियमित तौर पर टीकाकरण कराना चाहिए।