शामली। साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये की लागत से मेरठ-करनाल हाईवे बनकर तैयार हुआ। मेरठ से लेकर हरियाणा बॉर्डर तक हर नदी का पुल नए सिरे से चौड़ीकरण करके बनाया गया, मगर शामली में काबड़ौत के निकट कृष्णा नदी का पुल अपने हाल पर ही छोड़ दिया। नतीजा यह है कि पुल संकरा और बेहद पुराना होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं।
मेरठ -करनाल हाइवे का निर्माण पूरा हुए करीब छह माह बीत चुके हैं। मेरठ से लेकर शामली होते हुए हरियाणा बॉर्डर पर बिड़ौली तक डिवाइडर सहित फोरलेन तैयार हुआ। हाईवे पर पड़ने वाली अधिकांश नदियों पर पुल का चौड़ीकरण भी कराया गया।
यहां तक कि शामली में करनाल रोड स्थित पूर्वी यमुना नहर पर दूसरा पुल बनाने के लिए भी शासन ने धनराशि आवंटित कर दी, लेकिन शामली से बुढ़ाना रोड की तरफ मेरठ-करनाल हाईवे पर काबड़ौत के पास पड़ने वाली कृष्णा नदी के पुल की दशा किसी ने नहीं देखी। पुल इतना संकरा है कि वहां से एक बार में सिर्फ एक ही वाहन निकल सकता है। सामने से यदि दूसरा वाहन आ जाए, तो उसे पुल से पहले ही रुकना पड़ता है।
वहीं, इस मामले में डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि मेरठ-करनाल हाईवे पर काबड़ौत कृष्णा नदी पुल संकरा है। इस पुल का निर्माण कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भिजवाया हुआ है।
पुल का निर्माण सेतु निगम को करना है, जबकि हाइवे का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने कराया है। पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव के बारे में जानकारी कराएंगे कि वह किस स्थिति में रुका हुआ है। उनका प्रयास होगा कि पुल का निर्माण कराया जाए।
माल वाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ी
काबड़ौत पुल की चौड़ाई कम होने के साथ ही सड़क में खतरनाक घुमाव भी है। एक तरफ जहां हाईवे बनने से हरियाणा, पंजाब और अन्य प्रदेशों से माल वाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है, तो गन्ना सीजन में गन्ने से लदी भैंसा बुग्गी, ट्रैक्टर ट्राली और ट्रक फुगाना क्षेत्र की तरफ से शामली शुगर मिल की ओर आते हैं। रात में भी गन्ना लदे वाहनों की आवाजाही रहती है, जिस कारण कृष्णा नदी पुल पर हादसे होने का भय बना रहता है। वहीं, कृष्णा नदी काबड़ौत पुल पर सप्ताह में दो से तीन हादसे होते रहते हैं। पिछले दिनों ही हरियाणा की तरफ से कांच लादकर जा रहा ट्रक पुल से नीचे गिर गया था, जिसमें चालक और क्लीनर की मौत हो गई। उससे पूर्व पुल से कार गिरने पर उसमें सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा भी अक्सर यहां पर हादसे हो रहे हैं।