शामली में बाजार में बिना मास्क लगाए जाते राहगीर।
- फोटो : SHAMLI
त्योहारों की लापरवाही पड़ने लगी भारी, कोरोना के बढ़े केस
शामली। त्योहारों पर लोगों की लापरवाही भारी पड़ने लगी है। जिले में कोरोना के केस बढ़ने शुरू हो गए हैं। त्योहारों से पहले की तुलना में तीन गुणा अधिक कोरोना के केस आ रहे हैं, जबकि दो दिन पहले महिला की मौत हुई है। अगर यही हाल रहा तो कोरोना एक बार फिर पीक पर पहुंच सकता है। इसलिए कोरोना से बचना है तो एहतियात बरतना जरूरी है।
त्योहारी सीजन में बाजार से लेकर सड़क तक ग्राहकों की भीड़ उमड़ी है। भीड़ में अधिकतर लोगों ने न तो फेस मास्क लगाया और न ही सोशल डिस्टेंस का पालन किया। लोगों की भीड़ में लापरवाही को देखकर स्वास्थ्य विभाग पहले ही कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका जता रहा था। जिले में अब तक तीन हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और 28 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 145 केस एक्टिव चल रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक कोरोना संक्रमण के लक्षण पांच से दस दिन में आते हैं। इस वजह से त्योहार में बरती गई लोगों की लापरवाही का असर अब सामने आने लगा है।
सितंबर माह के पहले 20 दिन में कोराना पीक पर रहा था। एक दिन में 88 कोरोना के केस आए थे। इसके बाद कोराना के केस कम आने शुरू हो गए थे। अक्तूबर माह में भी कोरोना का असर कम रहा। त्योहारों से पहले नवंबर माह के पहले सप्ताह में कोरोना के केस की संख्या 10 से कम ही रही, लेकिन त्योहारों के बाद अचानक कोराना संक्रमण बढ़ना शुरू हो गया। बुधवार को 36 कोरोना संक्रमित मिले तो बृहस्पतिवार को 32 केस सामने आए। यानि त्योहारों से पहले की तुलना में तीन गुणा केस बढ़े है। करीब डेढ़ माह बाद मंगलवार को कोरोना संक्रमित एक महिला की सहारनपुर में उपचार के दौरान मौत हुई है। इससे साफ है कि कोरोना का खतरा बढ़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि यहीं स्थिति रही और लोगों ने एहतियात नहीं बरती तो नवंबर माह के आखिरी तक कोरोना फिर पीक पर पहुंच सकता है।
इस सप्ताह में कोरोना की स्थिति
19 नवंबर- 32
18 नवंबर- 36
17 नवंबर- 16
16 नवंबर- 12
15 नवंबर -09
14 नवंबर- 09
13 नवंबर- 13
कोट
त्योहारों पर भीड़ में लोगों ने लापरवाही बरती है। न फेस मास्क लगाया और न ही सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया। इसी वजह से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है। अगर लापरवाही बरती गई तो कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है।
डॉ. सफल कुमार, सीएमएस।