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Shamli News: बारिश में लापरवाही पड़ सकती है भारी, शुगर मरीज रखें पैरों का विशेष ख्याल

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: जिला अस्पताल के चिकित्सकों की सलाह, हर रोज 50 से 60 मरीज पहुंच रहे ओपीडी
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: संक्रमण और घाव का खतरा बढ़ने से सावधानी बरतना जरूरी

संवाद न्यूज एजेंसी

शामली। बारिश का मौसम शुगर (मधुमेह) के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। मौसम में नमी और जलभराव के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने शुगर मरीजों को विशेष सावधानी बरतने और पैरों की साफ-सफाई का खास ध्यान रखने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 50 से 60 शुगर के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. मनोज कुमार और फिजिशियन डॉ. समद अली ने बताया कि बारिश के मौसम में शुगर मरीजों को अपने पैरों को हमेशा साफ और सूखा रखना चाहिए। बरसात शुरू होते ही मरीजों में जटिलताओं के मामले बढ़ने लगते हैं।
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उन्होंने बताया कि पैरों की ठीक से सफाई नहीं करने पर बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं और संक्रमण तेजी से फैल सकता है। शुगर के मरीजों को चोट लगने से भी बचना चाहिए, क्योंकि रक्त में शुगर का स्तर अधिक होने पर पैरों में रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है। इससे घाव जल्दी नहीं भरते और संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार शरीर के नमी वाले हिस्सों में फंगस तेजी से पनपता है। पैरों की अंगुलियों के बीच पसीना या नमी बने रहने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पैरों को अच्छी तरह धोकर सुखाना और साफ मोजे व जूते पहनना चाहिए।
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उन्होंने सलाह दी कि शुगर के मरीज बारिश में भीगने से बचें। भीगने और संक्रमण के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।


- बचाव के उपाय
पैरों को हमेशा साफ और पूरी तरह सूखा रखें।
बारिश में भीगने से बचें, भीग जाएं तो तुरंत पैर धोकर सुखाएं।
रोजाना पैरों की जांच करें। कट, छाला, सूजन या घाव दिखे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
नंगे पैर चलने से बचें और मुलायम, बंद जूते पहनें।
रोज साफ और सूखे सूती मोजे पहनें तथा गीले मोजे तुरंत बदलें।
पैरों की अंगुलियों के बीच नमी न रहने दें, क्योंकि इससे फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित रखें और दवाएं समय पर लें।
संतुलित आहार लें और पर्याप्त पानी पीते रहें।
बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी घाव पर दवा या घरेलू नुस्खा न अपनाएं।
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