थानाभवन। मुस्लिम परिवार ने दुर्घटना में मारे गए हिंदू युवक का शव तीन दिन तक अपने घर में रखते हुए सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की है। राजस्थान के जोधपुर निवासी युवक की चार दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद मुस्लिम परिवार ने परिजनों को सूचना देकर शव अपने घर में रखा। बुधवार को मृतक के परिजन यहां पहुंचे तो शव पुलिस की उपस्थिति में परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
रविवार को कस्बे के मुख्य मार्ग पर विजय पुत्र भगरूराम निवासी जोधपुर, राजस्थान की बाइक में ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इसमें विजय गंभीर रूप से घायल हो गया था। सोमवार को उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भिजवाया। इस दौरान शव पोस्टमार्टम से वापस आया, तो पुलिस ने शव को मोहल्ला रोगनगरान निवासी गुलजार पुत्र लियाकत के सुपुर्द कर दिया।
गुलजार ने ही दुर्घटना की तहरीर पुलिस को दी थी। बताया गया कि गुलजार व विजय की दोस्ती फरीदाबाद में एक साथ काम करने के दौरान हुई थी। गुलजार ने विजय के मोबाइल से नंबर निकालकर कई लोगों से संपर्क किया। जिसमें कुछ नंबर राजस्थान के जोधपुर जिले के थे। उन लोगों से बात होने के बाद घटना की सूचना विजय के परिजनों तक पहुंची।
बुधवार को विजय के परिजन पिता भगरूराम, चाचा शिवराज व गांव के सरपंच हजारी लाल आदि लोग गुलजार के घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि करीब 15 साल पूर्व से विजय घर से लापता था। उन्हें विजय के विषय में कोई जानकारी नहीं थी। मृतक के परिजनों ने कहा कि आज के सांप्रदायिक माहौल में मुस्लिम परिवार द्वारा उनके बेटे के शव को सुरक्षित अपने घर में रखकर एक मिसाल कायम की है। थानाप्रभारी ने बताया कि मृतक के परिजनों ने शव शिनाख्त की। आवश्यक कार्यवाही के बाद शव को उन्हें सौंप दिया गया।