- जिले में विधायकों और कई दिग्गज नेताओं के किले ध्वस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के हार जाने के बाद जिले के दिग्गज नेताओं के किले ध्वस्त हो जाने पर वह हाशिए पर आ गए हैं। जिनमें विधायक पूर्व विधायक व प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता शामिल हैं।
जिले की नगर निकाय चुनाव 2023 मे रालोद गठबंधन की कमान सदर विधायक प्रसन्न चौधरी,थानाभवन विधायक अशरफ अली, पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस, पूर्व विधायक नवाजिश आलम, रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डाक्टर योगेंद्र चेयरमेन, सपा के प्रोफेसर सुधीर पंवार, विधायक नाहिद हसन की बहन इकरा हसन, गठबंधन की चुनाव की कमान संभाले हुए थे। भाजपा की नगर निकाय चुनाव की कमान पूर्व मंत्री सुरेश राणा थानाभवन, पूर्व विधायक तेजेंंद्र निर्वाल शामली, कांधला में एमएलसी वीरेंद्र सिंह और जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन मनीष चौहान, कैराना में हुकुम सिंह परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी।
कांधला नगर पालिका परिषद मेंं सपा प्रत्याशी जीत से सपा नेताओं की साख बच पाई है। गढ़ीपुख्ता में जीत का श्रेय पूर्व सांसद अमीर आलम के पुत्र और पूर्व विधायक नवाजिश आलम दिया जा रहा है। बनत नगर पंचायत सीट भी रालोद के खाते में गई है। गठबंधन में शामिल आजाद समाज पार्टी एकमात्र थानाभवन सीट पर चुनाव लड़ी थी, लेकिन पार्टी प्रत्याशी चुनाव हार गई। थानाभवन क्षेत्र के विधायक अशरफ अली अपने घर में जलालाबाद और पूर्व मंत्री सुरेश राणा अपने घर में थानाभवन नगर पंचायत की सीट नहीं जीता पाए। जलालाबाद नगर पंचायत मेें बसपा के जहीर मलिक ने यहां जीत दर्ज करके बसपा का खाता खोलकर अपना रुतबा कायम किया है।
जिले में नगर निकाय चुनाव में शामली नगर पालिका मेें चेयरमैन पद पर अरविंद संगल जीत से भाजपा के पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल का कद बढ़ा है। झिंझाना, गढ़ीपुख्ता, थानाभवन, कांधला में भाजपा के प्रत्याशी आमने-सामने के मुकाबले में रहे हैं। शामली नगर पालिका परिषद और झिंझाना में जीत से भाजपा की सीट एक बढ़कर दो हो गई हैं। पिछली बार भाजपा सिर्फ एक सीट जीत पाई थी। शामली नगर पालिका परिषद के चुनाव में गठबंधन प्रत्याशी विजय कौशिक की हार से गठबंधन को करारा झटका लगा है। शामली नगर पालिका परिषद के चेयरमैन पद का चुनाव लड़े विजय कौशिक इससे पूर्व 2017 में अपनी पत्नी सुमन कौशिक को लड़ा चुके है। गठबंधन के बाद सपा छोड़कर रालोद में शामिल हो गए थे। रालोद ने विजय कौशिक को पार्टी प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतार दिया था।