शामली के गांव कसेरवा खुर्द में बतून का फाइल फोटो। स्रोत परिजन
शामली। आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव कसेरवा खुर्द में शुक्रवार रात में बल्ब की डोरी लगाते समय करंट लगने से सास बतूर (85) और पुत्रवधू खुशनुमा (45) की मौत हो गई। सुबह दोनों के शव घर में मिले। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। परिजनों ने किसी तरह की कार्रवाई से इन्कार कर दिया। दोपहर में दोनों शवों को सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
गांव कसेरवा खुर्द निवासी रोजूदीन, दो पुत्रों उस्मान व समीर के साथ शुक्रवार रात को घेर में सोने के लिए चले गए। घर पर नीचे कमरे में रोजूदीन की मां बतूर व पत्नी खुशनुमा थे। बच्चे ऊपर के कमरे में थे।
शनिवार सुबह करीब पांच बजे रोजूदीन घेर से घर पहुंचे तो पत्नी व मां को मृत अवस्था में पाया। दोनों के शव एक-दूसरे के पास पड़े थे। जानकारी मिलने पर आस पड़ोस के लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई।
रोजूदीन ने आशंका जताई कि रात में बल्ब की डोरी हटाते समय पहले उसकी बुजुर्ग मां बतूर को करंट लगा। इसके बाद उसकी पत्नी खुशनुमा ने उसे बचाने की कोशिश की, जिससे दोनों ही करंट में चपेट में आ गई और उनकी मौत हो गई। बताया कि पूर्व में परिजनों को इससे करंट लग चुका था। इसकी जानकारी मिलने पर आदर्श मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी ली।
n एक ही घर में दो मौतों से मचा कोहराम : सास और बहू की एक साथ मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव में घटना को लेकर शोक का माहौल रहा।
n दो दिन पहले ही परिवार को साथ रहने की दी थी सीख : राजूदीन ने बताया कि दो दिन पहले ही उनकी मां बतूर ने पूरे परिवार को मिल-जुलकर रहने और एक-दूसरे का साथ निभाने की नसीहत दी थी।
शामली के गांव कसेरवा खुर्द में बतून का फाइल फोटो। स्रोत परिजन
शामली के गांव कसेरवा खुर्द में बतून का फाइल फोटो। स्रोत परिजन