शामली। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने पर किसानों का सब्र टूट गया। भाकियू के बैनर तले किसानों ने शामली शुगर मिल के गेटों को बंद करके धरना प्रदर्शन किया। जिला गन्ना अधिकारी को भी धरनास्थल पर घेरकर बैठा लिया। करीब तीन घंटे गहमागहमी के बाद मिल अधिकारियों और प्रशासनिक
अधिकारियों की वार्ता हुई। 20 सितंबर तक बकाया भुगतान करने का आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त हुआ।
मंगलवार को बतीसा खाप के चौधरी सूरजमल की अध्यक्षता में भाकियू नेता और किसानों की भीड़ अपर दोआब शुगर मिल शामली के गेट पर पहुंची। करीब 11 बजे शुगर मिल का गेट बंद करके धरना शुरू कर दिया। मिल अधिकारी और कर्मचारियों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई। शुगर मिल अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों की भीड़ जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पहुंची। वहां जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती से किसानों की नोकझोंक हुई।
इसी दौरान शामली कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाया। बावजूद इसके किसान नहीं माने और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर तालाबंदी करने के बाद जिला गन्ना अधिकारी को वहां से पैदल ही धरनास्थल पर ले गए। इसके बाद एसडीएम सदर एमपी सिंह, सीओ सिटी निशांक शर्मा के अलावा शुगर मिल के जीएम (केन) आरएस सहरावत और एजीएम (केन) नरेश कुमार किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने उनसे कहा कि हमें तत्काल बकाया गन्ना मूल्य भुगतान चाहिए। अधिकारियों के समझाने पर किसान शांत हुए।
तय किया गया कि आगामी 22 अगस्त तक करीब आठ करोड़ और 20 सितंबर तक 230 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समस्त भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। संचालन अजयवीर त्यागी ने किया। इस दौरान भाकियू नेता कुलदीप पंवार, प्रदीप चौधरी, विनोद निर्वाल, जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद, धीरज चौधरी, ओमपाल, रिशीपाल सिंह, ब्रजेश निर्वाल, भुट्टू प्रधान, विजय सिंह, हाजी इकराम, सोमपाल सिंह, अजय पंवार, वीरेश पाल, पिन्टू मंगलौरा, पुष्पेंद्र निर्वाल आदि रहे।