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लखनऊ से आई कॉल, और यमुना की ओर दौड़ गए अफसर

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कैराना में मोटरबोट में यमुना घाटों का जायजा लेते एसडीएम व सीओ, - फोटो : SHAMLI
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शामली/कैराना। अचानक बाढ़ आ जाए तो कितनी देर में रात कार्य शुरू हो जाएंगे, इसे परखने के लिए शासन ने अचानक निर्देश जारी कर मॉल ड्रिल कराया। बाढ़, नियंत्रण, सिंचाई विभाग के अलावा पुलिस और प्रशासन को यमुना पर दौड़ा दिया गया। एनडीआरएफ की टीम गाजियाबाद से पहुंच गई। घंटों रिर्हसल चला।
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एसपी अजय कुमार के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह को शासन स्तर से अचानक मैसेज फ्लैश कर मॉक ड्रिल की सूचना दी गई और तुरंत कैराना में यमुना नदी पर पहुंचकर बाढ़ नियत्रण कार्य शुरू करने को कहा गया। सबकी मॉनिटरिंग का जिम्मा एनडीआरएफ को सौंपा गया। एनडीआरएफ की टीम गाजियाबाद से करीब 11 बजे से पहले ही यहां पहुंच गई थी। बाढ़ नियंत्रण, सिचाई विभाग के अधिकारी, एसडीएम के अलावा पुलिस बल तुरंत कैराना में यमुना पुल स्थित यमुना नदी पर पहुंचे और रिहर्सल शुरू की गई।
बताया गया कि यमुना में कुछ युवक डूबे हैं। एनडीआरएफ ओर संबंधित विभागीय टीम तुरंत मौजूद नाव और बोट के माध्यम से बचाव कार्य में जुट गई। एसडीएम कैराना भी जैकेट पहनकर बोट से यमुना में जायजा लेने पहुंच गए। दो बजे राहत कार्य चला। एसपी के अनुसार डीएम अखिलेश सिंह और वह स्वयं कंट्रोल रूम में बैठकर जानकारी ले रहे थे। ये अभियान प्रदेश के नदी किनारे और बाढ़ के लिए संवेदनशील 40 जनपदों में चला। कैराना में पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार तिवारी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह राणा, ड्रेनेज खंड मुजफ्फरनगर से अधिशासी अभियंता संजय मेत्रे, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता राजपाल रविवंशी, उपखंड अधिकारी अतुल यादव, बीडीओ गोपाल कृष्ण चैधरी, दमकल विभाग, चिकित्सा विभाग के एसीएमओ डा. श्रीकांत शर्मा, डा. अनिल कुमार मेडिकल सुप्रीटेंडेंट व कर्मचारी मौजूद रहे।
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शोर मचा, और यमुना में लगा दी छलांग ,दो को बचाया
बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी डा. अमित पाल शर्मा के नेतृत्व में नगर के शामली रोड पर स्थित पब्लिक इंटर कॉलेज में बाढ़ राहत शिविर का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम कैराना डॉ. अमित पाल शर्मा के नेतृत्व में यमुुुना नदी पर चले इस अभियान में इस दौरान यमुना नदी में डूब रहे दो लोगों को बचाने के शोर मचाने पर मोटरबोट के माध्यम से तुरंत मौके पर जाकर बचा लिया, जिन्हें यमुना से सकुशल बाहर निकालने के पश्चात उन्हें एंबुलेंस की मदद से पब्लिक इंटर कॉलेज लाया गया। यहां पहले से ही चिकित्सा शिविर लगा था। शिविर में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को ओपीडी में उपचार दिलाने के लिए अस्पताल भेज दिया गया। एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा ने सिंचाई विभाग को बाढ़ से निपटने के लिए तमाम इंतजाम करने, पशु पालन विभाग को बीमार पशुओं के इलाज करने, पालिका और विकास विभाग को प्रकाश की व्यवस्था कराने व विद्युत विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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घबराएं नहीं, हिम्मत से लें काम
एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर बलवान सिंह व एसआई शब्बीर अहमद ने प्राकृतिक आपदा से राहत के टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि किसी भी परिस्थिति में घबराना नहीं चाहिए तथा राहत के उपाय अपनाने चाहिए।
गाजियाबाद से आठवीं वाहिनी एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम इंस्पेक्टर बलवान सिंह के नेतृत्व में कैराना पहुंची। टीम में एसआई शब्बीर अहमद के अलावा कुल 16 सदस्य शामिल थे, जिनके द्वारा क्षेत्र में बाढ़ आपदा से राहत के लिए लोगों को जागरूक भी किया गया।
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मोटरबोट से एसडीएम ने लिया जायजा
यमुना नदी पर पहुंचे एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा व सीओ राजेश कुमार तिवारी एनडीआरएफ द्वारा लाई गई लाइफ जैकेट को पहनकर मोटरबोट में सवार हो गए और उन्होंने यमुना नदी में घूमकर घाटों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यमुना घाटों का निरीक्षण करते हुए घाटों पर साफ-सफाई करने के निर्देश दिए हैं।
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कंट्रोल रूम में करें फोन
प्रशासन ने तहसील कैराना में बाढ़ नियंत्रण कक्ष कंट्रोल रूम की स्थापना की है। इसके लिए प्रशासन ने 01398-266222 कंट्रोल रूम का नंबर भी जारी किया है। जबकि पब्लिक इंटर कॉलेज में पीएसी रिलीफ कैंप लगाया गया है। कंट्रोल रूम पर सूचना मिलने के बाद रिलीफ कैंप को कॉल ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद बाढ़ से राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीम मौके पर जाएगी।
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