शामली। मोबाइल फोन हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। घंटों इस्तेमाल करने से इसके दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। सिर झुकाकर या लेटकर मोबाइल फोन लगातार चलाने से गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इससे सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, चक्कर आना, हाथों में सुन्नपन, सिरदर्द जैसी शिकायतें बढ़ रही है। साथ ही रीढ़ का ढांचा भी बिगड़ रहा है। जिला अस्पताल में हर रोज उपचार कराने के लिए दस मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में डाक्टर और शहर के फिजियोथेरेपिस्ट के पास सिर दर्द, चक्कर आना, हाथों का सुन्नपन के अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डाक्टर रामनिवास बताते हैं कि लोग दर्द से छुटकारा पाने के लिए दर्द निवारक दवाओं का सेवन करते हैं, इनके अत्यधिक सेवन से शरीर के दूसरे अंग भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की समस्या मोबाइल फोनों का अधिक इस्तेमाल का कारण हो रहा है। अस्पताल में रोज कम से कम इस तरह के 10 मरीज आ रहे हैं। अस्पताल में पहुंचे शामली के दीपक ने बताया कि हड्डी के डाक्टर के पास आया था, गर्दन में दर्द रहता है। रात में गर्दन के नीचे हाथ रख मोबाइल देखने की आदत है। वहीं दूसरा मरीज गांव बधेव का योगेश जो डाक्टर कक्ष से निकलकर बाहर आया तो बताया कि वह दुकान करता है और कुर्सी पर सुबह से शाम तक बैठे झुककर मोबाइल में वेब सीरिज देखता है, जिससे उसकी रीड़ की हड्डी में दर्द रहने लगा है। तीसरा मामला फिजियोथेरेपिस्ट डाक्टर प्रमोद के पास मिला। गांव बुटराड़ी निवासी अर्नव डाक्टर के पास पहुंचे थे, पूछने पर उन्होंने बताया कि वह अधिक समय बाइक पर रहता है, उसके फोन अधिक आते है वह बाइक पर फोन कान के नीचे दबाकर काफी समय तक सुनता है। जिस कारण उसकी गर्दन में दर्द रहने लगा है। जिसके बाद डाक्टर ने उसकी थैरेपी कर दवाई दी और मोबाइल का इस तरह प्रयोग करने से मना किया।
क्या कहते है विशेषज्ञ
डाक्टर प्रमोद का कहना है कि गर्दन को सीधा कर मोबाइल फोन चलाने पर कम से कम 5 किग्रा का दबाव गर्दन पर पड़ता है। गर्दन को थोड़ा झुकाकर लगभग 15 डिग्री पर मोबाइल फोन देखने पर 12 किग्रा का दबाव, लगभग 30 डिग्री पर झुकने पर 18 किग्रा झुक जाता है। 45 डिग्री पर लगभग 22 किग्रा और 60 डिग्री पर झुककर मोबाइल देखने पर 27 किग्रा का दबाव गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डियों पर पड़ता है। रीढ़ का ढांचा भी बिगड़ रहा है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ मोबाइल फोन के इस्तेमाल से गर्दन और रीढ़ की हड्ड़ी में समस्या महसूस हो तो तुरंत किसी योग्य डाक्टर और वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क करना चाहिए। बच्चों की मोबाइल फोन की लत छुड़ाने के लिए माता-पिता को विशेष ध्यान देना चाहिए।
-ऐसे करें बचाव
-बीच-बीच में गर्दन को घुमाते रहें।
-2 से 10 डिग्री तक गर्दन झुकाकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करें।
-लेटकर मोबाइल देखने के बजाय सीधे बैठकर मोबाइल का प्रयोग करें। बीच-बीच में आराम लेते रहें।
-बच्चों को मोबाइल, टैबलेट की बजाय मैदान में खेलने के लिए प्रेरित करें।
-बच्चों को अगर मोबाइल फोन की आदत लगेेगी तो वे शारीरिक गतिविधियां नहीं करेंगे, जिससे मोटापा बढ़ेगा।
-बच्चों के साथ समय बिताएं, उनको बाहर घुमाने ले जाएं, उनको दौड़ आदि खेल खिलवाएं।
कुछ वर्षों में लोगों की जीवनशैली में काफी परिवर्तन आया है। इसकी वजह से फिजियोथेरेपी की भूमिका बढ़ गई है। गर्दन और रीढ़ की हड्डी को ठीक रखने के लिए सही मुद्रा का ध्यान रखें। नियमित रूप से व्यायाम करें। खानपान अच्छा रखें। वजन को न बढ़ने दें। चारपाई, सोफा, खराब गद्दे आदि पर सोने से बचें। लंबे समय तक मोबाइल फोन प्रयोग न करें।
- प्रेरणा पुंडीर, मनोचिकित्सक