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Shamli News: छह बार मंत्री की मुहर, फिर भी होम्योपैथिक अस्पताल की नहीं मिली सौगात

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- वर्ष 2016-17 से जिला योजना की बैठक में लगती आ रही 15 अस्पताल और ओपीडी बनाने पर मुहर
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- लखनऊ में ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है फाइल, दो स्थानों पर जमीन चिह्नित हुए बीते चार साल
- उधार की बिल्डिंग में चल रही ओपीडी, कार्यालय, बनत में ओपीडी तो ब्लॉक में चल रहा है कार्यालय
दीपक गुप्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। होम्योपैथिक अस्पताल और ओपीडी शुरु करने की योजना पर जिला योजना की बैठक में तो मुहर लग जाती है, लेकिन लखनऊ पहुंचते ही इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। यह सिलसिला पिछले छह वर्षों से चला आ रहा है। जिला योजना में मंत्री, जिपं अध्यक्ष, डीएम, सांसद की मुहर लगने के बाद भी जिला होम्योपैथिक अस्पताल और ओपीडी शुरु नहीं हो सकी। जनपद को होम्योपैथिक अस्पताल की सौगात नहीं मिल पा रही है। विभाग को उधार की बिल्डिंग में ओपीडी व कार्यालय चलाना पड़ रहा है।
जनपद में होम्योपैथिक विभाग के पास अपनी कोई बिल्डिंग तक नहीं है और बजट के नाम पर भी शून्य नजर आता है। विभाग की ओर से लंबे समय से 15 स्थानों पर ओपीडी और जिला चिकित्सालय शुरु करने की कोशिश की जा रही हैं। जिला योजना में प्रस्ताव रखकर छह बार इसे पास कराया गया, लेकिन लखनऊ में इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। विभाग ने जिला चिकित्सालय के लिए किसान कॉलेज, काका नगर, नंदू प्रसाद मोहल्ला, चरण सिंह काॅलोनी, रेलपार का नाम रखा। इसके अलावा ओपीडी के लिए लाख, सिंभालखा, कुड़ाना, बिडौली, जलालाबाद, थानाभवन, कैराना, झिंझाना, कांधला, लिलौन, जाफरपुर, हिरनवाड़ा, ताना, लपराना में शुरू करने के लिए फाइल भेजी।
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वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019-20, 2020-21, 2021-22 में जिला योजना बैठक में प्रभारी मंत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष, सांसद, डीएम, सीडीओ, विधायक, ब्लॉक प्रमुख आदि ने प्रस्ताव पास कर दिया था। वर्ष 2022-23 के लिए भी फाइल तैयार है। अस्पताल न बनने से मरीजों को भी इसका खामियाजा भुगतान पड़ रहा है। बनत की नगर पंचायत में एक कमरे को दो पार्ट कर ओपीडी चलाई जा रही है। एक में डॉ. बैठकर मरीज देखते हैं तो दूसरे में मरीजों को दवाई दी जाती है। जिला कार्यालय शामली ब्लॉक में स्थित एक कमरे में चल रहा है। बनत में तीन दिन और कुड़ाना में सरकारी अस्पताल में तीन दिन बैठकर डॉ. अंकुज कुमार मरीज देखते है। वहां रोजाना सौ से अधिक मरीज पहुंचते हैं।
चार वर्ष पहले दो जगह जमीन चिह्नित, बजट शून्य
तत्कालीन डीएम अखिलेश सिंह से दो जगह जमीन चिह्नित करने के लिए फाइल पास कराई थी। यह जमीन बनत कस्बे में पशु चिकित्सालय के पास .630 हेक्टेयर जमीन मिल गई थी और वहां ओपीडी शुरू करने के लिए 40 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। जिला होम्योपैथिक कार्यालय के लिए झाल में .910 हेक्टेयर जमीन मिल गई थी और 2.08 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया था। लेकिन लखनऊ से मंजूरी नहीं मिल पाई। इस बार उम्मीद है कि बजट मिल सकता है।
जनपद में सिर्फ एक डॉक्टर और तीन कर्मचारी
शामली में सिर्फ एक डॉक्टर और तीन कर्मचारियों के सहारे ही होम्योपैथिक दवाइयों से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। यहां तीन डॉक्टर, दो फार्मेसिस्ट, छह कर्मचारी की जरूरत है। जिला कार्यालय में दो बाबू, एक स्टैनो, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन स्टाफ के नाम पर भी शून्य है।
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हर बार जिला योजना में प्रस्ताव पास कराते हैं और विभागीय मंत्री भी हर बार उन्हें बजट देने का आश्वासन देते है। इसके लिए फाइल भी मंगवाई जाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। हमारे पास स्टाफ भी नहीं है। लखनऊ जाकर विभागीय मंत्री और उच्च अधिकारियों से मिलकर बजट की डिमांड करेंगे। जिससे मरीजों का ठीक से उपचार किया जा सकें।
- डाॅ. विधु शेखर मलिक, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी शामली
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