शामली। जिला मुख्यालय को दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग से जोड़ने वाले मिनी बाईपास की जद में आने वाले गांवों के किसानों की भूमि का लेखाजोखा राजस्व टीम ने तैयार कर लिया है। एक सप्ताह के अंदर यह रिपोर्ट बनाकर निशानदेही कर डीएम को सौंप दी जाएगी।
पूर्वी यमुना नहर किनारे मुंडेट, बधेव, गोहरनी, भैसवाल गांव के जंगल में जिला मुख्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। गांव भैसवाल से लेकर दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग को जोड़ने वाले 3.5 किमी लंबाई और सात मीटर चौड़ाई वाले मिनी बाईपास के लिए प्रथम किश्त में तीन करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। गत शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य योजना आयोग के सदस्य डॉक्टर सुधीर कुमार पंवार, डीएम सुजीत कुमार ने मिनी बाईपास का निरीक्षण किया था।
तहसील की राजस्व टीम को बाईपास की जद में आने वाले किसानों की भूमि का लेखाजोखा तैयार कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मिनी बाईपास की जद में आने वाले किसानों के खाते की भूमि का चिह्निकरण प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। उधर, डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले मिनी बाईपास की रिपोर्ट आने के बाद बैनामे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इस सप्ताह पूरी रिपोर्ट हो जाएगी तैयार
शामली। एसडीएम महेंद्र प्रसाद ने बताया कि दीपावली अवकाश के बाद बाद राजस्व टीम मिनी बाईपास पर ज्यादा प्रगति नहीं कर पाई है। इस सप्ताह पूरी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
वहीं, जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि भैंसवाल से दिल्ली- यमुनोत्री मार्ग को जोड़ने वाले मिनी बाईपास के संबंध में लोक निर्माण विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों से तहसील दिवस के दौरान प्रगति की रिपोर्ट की समीक्षा की थी। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बाईपास की जद में आए किसानों की भूमि का लेखा जोखा तैयार करना शुरू कर दिया है। एक सप्ताह में टीम की रिपोर्ट आ जाएगी।