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मिलों को पैकेज बाट रही सरकार

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file - फोटो : amarujala
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ऑडियो प्रकरण के बाद भाकियू के नए जिलाध्यक्ष द्वारा बुलाई गई बैठक में वक्ताओं ने बकाया गन्ना भुगतान पर नहीं करने पर प्रदेश सरकार की तीखी आलोचना की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार चीनी मिलों को राहत पैकेज बांट रही है, लेकिन इसके बाद भी किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं हो रहा। बैठक में एक दूसरे पर टीका टिप्पणी को लेकर भी कार्यकर्ता आपस में उलझ गए।
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दो दिन पूर्व भाकियू जिलाध्यक्ष मास्टर जाहिद की एक महिला के साथ बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद  उन्हें पद से हटा दिया था। मुजफ्फरनगर के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत को शामली की भी अतिरिक्त कमान सौंपी गई थी। उन्होंने बुधवार को शामली नगर पालिका सभागार में भाकियू की बैठक बुलाई। इसमें प्रदेश से लेकर मंडल स्तर के संगठन पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार चीनी मिलों पर साफ्ट लोन, राहत पैकेजों की बरसात कर रही है, लेकिन किसानों का गन्ना भुगतान अभी तक नहीं हुआ। शामली शुगर मिल पर पिछले साल का 80 करोड़ से अधिक का बकाया है। प्रदेश के  गन्ना राज्यमंत्री 15 दिन में भुगतान कराने का वादा कर रहे  थे, लेकिन नए सत्र का तो अभी तक एक रुपया तक नहीं मिला। मिल चले हुए दो महीने हो चुके हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि जल्द गन्ना भुगतान नहीं हुआ  तो प्रदेश सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके लिए तारीख बाद में तय कर ली जाएगी। किसान जिलाधिकारी के आवास या कार्यालय के बाहर डेरा डालकर बैठ जाएंगे। बैठक में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक, युवा मंडल अध्यक्ष धीरज लाठियान, मंडल अध्यक्ष ओमपाल मलिक, दीपक शर्मा, देशपाल, ईश्वर फौजी, सतपाल पहलवान, प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, मुन्ना टिटौली, गुड्डू, प्रदेश महासचिव जावेद तोमर, अनीस मंसूरी, नदीम, गुलजार ,अरशद ,पद्म कैंडी ,रजनीश, पुष्पेंद्र, प्रमोद पटवारी आदि शामिल रहे। 

किसानों का उत्पीड़न
शामली। भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि ऊन शुगर मिल के अधिकारियों ने किसानों के खिलाफ ही मुकदमे दर्ज करा दिए हैं। बिजली विभाग वाले भी आए दिन किसानों पर ही केस दर्ज कर रहे हैं। दुख बात है कि ये सब खुद गन्ना मंत्री के जिले में हो रहा है। किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं मिल रहा ऊपर से मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। 
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कार्यकर्ता उलझे, जमकर नोकझोंक 
शामली। बैठक के दौरान एक पदाधिकारी जैसे ही संबोधन को खड़े हुए एक स्थानीय कार्यकर्ता ने टिप्पणी कर दी। कह दिया कि आप इतने महीने तक कहां गायब रहे। इसी लेकर वह पदाधिकारी भी बिफर गए और दोनों के समर्थकों में बहस और नोकझोंक शुरू हो गए । हाथापाई तक की नौबत आ गई। इसके बाद पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह कार्यकर्ताओं ने मामला शांत किया।  

नेता बनकर नहीं कार्यकर्ता बनकर काम करें 
शामली। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि कार्यकर्ताओं का इस तरह का रवैया बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को टीका टिप्पणी करनी है तो बैठक से बाहर चला जाए। संगठन में काम करना है तो कार्यकर्ता बनकर करना होगा, नेता बनकर नहीं । कहा कि यहां नेतागिरी और आरोप प्रत्यारोप नहीं चलेंगे।  

अफसरों की परिक्रमा नहीं चलेगी 
नए जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि कुछ कार्यकर्ता अफसरों की परिक्रमा करते हैं। ऐसा संगठन में नहीं चलेगा। यदि कोई कार्यकर्ता अफसरों की परिक्रमा करता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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