झिंझाना। कागजों में बच्चों को भले ही पंजीरी और दूध दिया जा रहा हो, लेकिन हकीकत में बच्चे पुलाव खाकर अपनी सेहत बना रहे हैं। बल्लामाजारा के प्राइमरी स्कूल में बन रहे मिड-डे मील की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम की है।
ब्लाक क्षेत्र के गांव बल्ला माजरा के प्राइमरी स्कूल में लगभग 110 बच्चे हैं। इनको पढ़ाने के लिए तीन अध्यापक संजीव कुमार प्रधानाध्यापक, कुलदीप कुमार व एक अन्य है। बताया जाता है कि विद्यालय में जब से स्कूल खुला तब से मिड-डे मील में दोपहर के भोजन में प्रतिदिन खाने में पुलाव खिलाया जा रहा है।
इसके अलावा प्रांगण में खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ है, जिस कारण बच्चों को खतरा बना हुआ है, लेकिन ग्राम प्रधान व अध्यापकों को इसकी कोई चिंता नहीं है। प्रधान जाबाज सिंह ने बताया कि दीवार क्षतिग्रस्त होने से स्कूल के बराबर में बने तालाब का पानी स्कूल में आ रहा है। प्रस्ताव कर जल्दी ही दीवार बनवाई जाएगी। इसके अलावा इंचार्ज अध्यापक संजीव कुमार ने बताया कि गड्ढे ग्रामीणों द्वारा यहां से अपने इस्तेमाल के लिए मिट्टी खोद कर ले जाना बताया है।
मिड-डे मील में राशन कि व्यवस्था ग्राम प्रधान कराता है। उसके अनुरूप बच्चों को दिया जा रहा है। जब सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेश गुप्ता से बात करनी चाही, लेकिन उनका मोबाइल बंद आया। वहीं, बीआरसी रविंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। मौके पर इंतजार, मेंहदी हसन, अयूब, राशिद, गुलजार, मोहसीन आदि आदि मौजूद रहे।