शामली में मिलावटी और अपमिश्रित खाद्य सामग्री बेचने वालों पर जुर्माने का चाबुक चल रहा है। बावजूद इसके मिलावट करने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। दूध से लेकर पनीर, मसाले और सरसों तेल में मिलावट की जा रही है। पिछले दिनों लिए गए दूध, पनीर और मिल्क केक के नमूने फेल होने पर चार दुकानदारों पर भारी जुुर्माना लगाया गया है।
अपर जिलाधिकारी कोर्ट ने मंगलवार को मुजफ्फरनगर की श्री शिव नंदी डेयरी फूड्स प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के दूध का नमूना फेल होने पर तीन लाख रुपये जुर्माना किया। इसके अलावा किवाना निवासी मुन्ना के पनीर का नमूना प्रयोगशाला से जांच के बाद फेल होने पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। वहीं बनत निवासी विकास कुमार का मिल्क केक का नमूना फेल होने पर 50 हजार और हसनपुर लिसाढ़ निवासी संता उर्फ सतेंद्र के पनीर का नमूना फेल होने पर 95 हजार का जुर्माना लगाया गया है।
गौरतलब है कि अपर जिलाधिकारी कोर्ट ने अगस्त माह में ही अपमिश्रित और मिलावटी खाद्य पदार्थों से संबंधित 10 मामलों का निस्तारण करते हुए 11 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। खास बात यह है कि पूर्व में मिलावट करने वालों के खिलाफ जुर्माना करने में कुछ कंजूसी की जाती थी। यदि वर्ष 2015-16 की बात करें, तो 12 महीने के भीतर खाद्य सुरक्षा विभाग ने 64 वाद दायर किए, जिनमें 14 लाख 10 हजार रुपये जुर्माना ठोंका गया। वहीं, इस साल अप्रैल माह से अब तक 20 लाख 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। बताया कि खाद्य सामग्री में मिलावट करने वालों के खिलाफ जितने भी वाद दायर हुए हैं, उनमें त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वादों का शीघ्रता से निस्तारण किया जा रहा है।