जन औषधि केंद्र पर दवाओं का टोटा, मरीज मायूस
शामली। अधिकांश अस्पतालों में मरीजों को महंगी दवा लिखी जा रही हैं। लोगों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, लेकिन शामली सीएचसी परिसर में औषधि केंद्र पर दवाओं का टोटा है। करीब पांच महीने से दवा की सप्लाई नहीं आई है। दवा केंद्र खाली पड़ा है। 800 में से केवल 70-75 तरह की दवाएं ही उपलब्ध हैं। बुुखार की पैरासिटामॉल तक नहीं है। खांसी, नजला, जुकाम और पेन किलर की दवाओं का टोटा है। दवा लेने आ रहे लोग लौट रहे हैं, जिससे सस्ती दवा देने का दावा हवाई साबित हो रहा है।
शामली सीएचसी परिसर में चल रहे केंद्र में दवा रखने की वाली रेक खाली मिलीं। नाममात्र की कुछ दवाएं रखी थी। यहां दवा लेने आ रहे अधिकांश मरीज लौट रहे थे। एक मरीज ने बुखार की दवा मांगी तो नहीं मिली। मायूस होकर मरीज लौट गया। एक महिला वायरल की एंटीबॉयटिक दवा लेने आई लेकिन वो दवा भी उपलब्ध नहीं थी। केंद्र पर एक फार्मेसिस्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर की तैनाती है।
- इंटरनेट पर सर्च करके देखते हैं साल्ट
मरीज डॉक्टर का लिखा पर्चा लेकर आता है। उस पर दवा का नाम लिखा होता है इसलिए लिखी दवा को इंटरनेट पर डालकर देखते हैं कि उस दवा का साल्ट क्या है। उसी के साल्ट की उतनी ही एमजी की दवा मरीज को देते हैं।
- बुखार, खांसी दर्द निवारक दवाओं का भी टोटा
केंद्र पर बुखार की सामान्य सी दवा पेरासिटामॉल तक उपलब्ध नहीं है। दर्द के लिए डाईक्लो जैसी सामान्य दर्द निवारक दवा भी नहीं है। नजला जुकाम की एंटी कोल्ड नहीं है। खांसी के लिए सिरप भी खत्म हो गए हैं। लीवर की दवा, खाज खुजली आदि के मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। हार्ट से संबंधित, शुगर की दवा भी नहीं है। आंखों की दवा जेंटामाइसिन और सिप्रोफलोक्सिन आदि भी उपलब्ध नहीं है। सर्जिकल दवा का स्टॉक यहां नहीं है।
बोले मरीज
मैं औषधि केंद्र से बुखार की दवा लेने आया था, लेकिन दवा नहीं मिली। बताया गया कि दवा स्टॉक में नहीं है। अब बाजार से ही महंगी दवा लेनी पड़ेगी। - परमजीत, शामली
मेरी पत्नी को गले में दर्द है। डॉक्टर ने दवा लिखी थी। बाजार में महंगी दवा मिलती है। इसलिए यहां सस्ती दवा लेने आया था लेकिन यहां दवा नहीं मिली। बताया गया कि स्टॉक में दवा नहीं है। - संजीव कुमार, खेडी करमू
कोट
ये सेंटर लखनऊ की एक संस्था द्वारा संचालित है। संस्था द्वारा ही दवाओं की सप्लाई की जाती है। सितंबर 2019 के बाद दवा की सप्लाई नहीं आई है, जो स्टॉक था वो भी खत्म हो गया है। बुखार, खांसी, तक की सामान्य डिमांड वाली दवा भी खत्म हो गई है। दवा की डिमांड लगातार की जा रही है लेकिन आपूर्ति नहीं हो रही। इसी वजह से मरीज वापस जा रहे हैं। - सुनील कुमार फार्मेसिस्ट
कोट
इस संबंध में जानकारी की गई तो पता चला कि जन औषधि केंद्र संचालन कर रही संस्था द्वारा दवा खरीद के जो रेट तय किए गए हैं उस रेट पर दवा कंपनियां उन्हें दवा देने को तैयार नहीं है। संस्था द्वारा दवा की डिमांड भेजी जा रही है लेकिन रेट कम होने की वजह से दवा कंपनियों से दवा नहीं मिल रही। इस संबंध में प्रयास जारी हैं। - डॉक्टर संजय भटनागर सीएमओ शामली