महिला के समर्थन में उतरे कई ग्रामीण
शामली, गढ़ीपुख्ता। गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां में 17 बीघा भूमि को लेकर चल रहे विवाद के बाद मंदिर के पुजारी की विधवा अपने दोनों बच्चों को लेकर गांव से चली गई है। रविवार को महिला के घर पर ताला लगा रहा। ग्रामीणों ने बताया कि महिला अपने घर का सामान भी एक बुग्गी में भरकर ले गई है। उधर, ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि सहित अन्य ग्रामीणों ने डीएम को पत्र लिखकर महिला को इंसाफ दिलाने की मांग की है।
गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी काजल पुरी का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी 17 बीघा भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। यह मामला तीन वर्षों से कोर्ट में भी विचाराधीन है। इस मामले की उसके पति सुशील पुरी पैरवी कर रहे थे जिनका कुछ समय पहले निधन हो गया। उनके निधन के तीसरे दिन ही कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया था। विरोध पर उसे और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। कुछ दिन पूर्व महिला ने बच्चों सहित गांव से पलायन करने की चेतावनी दी थी और घर पर मकान बिकाऊ है लिख दिया था।
महिला शनिवार को अपने दोनों बच्चों के साथ घर पर ताला लगाकर गांव से चली गई। ग्रामीणों ने बताया कि महिला एक बुग्गी में घर का सामान भी भरकर ले गई है। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि फरहान खान समेत अन्य ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर मामले की जांच कर उसको न्याय दिलाने की मांग की है। गांव के ही नरेंद्र सैनी, वीरेंद्र ने कहा कि महिला को हर हाल में गांव वापस लाया जाएगा। उधर, तहसीलदार ऊन राजकुमार भारती भी शनिवार शाम गांव पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि महिला के घर पर ताला लगा हुआ था।
परेशान करने के आरोप को बताया निराधार
गढ़ीपुख्ता। प्रकरण को लेकर गांव में दो पक्ष हो रहे हैं। ग्रामीण राकेश सैनी ने बताया है कि काजल पुरी के परिवार को किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जा रहा है। 17 बीघा भूमि को लेकर महिला के ससुर की मृत्यु के उपरांत वाद दायर किया गया था। यह न्यायालय में विचाराधीन है। काजल पुरी मंदिर की भूमि पर अपना मालिकाना हक चाहती हैं। इसलिए वह निराधार आरोप लगा रही है।
कोट...
प्रकरण भूमि के विवाद से संबंधित है जो न्यायालय में विचाराधीन है। अभी इसमें कोई फैसला नहीं आया है। महिला अपने रिश्तेदार के घर गई है। वही इस वाद में महिला की ओर से पैरवी करते हैं। वह अक्सर वहां जाती रहती है। महिला की हर संभव मदद की जाएगी। - जसजीत कौर, डीएम।