जलालाबाद। कस्बा जलालाबाद के लोग अभी भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। वहीं, काफी घरों में अभी तक शौचालय नहीं बन सके हैं। जिन घरों में शौचालयों के गड्ढे खुदवाए गए थे उन्हें लोेगों ने बंद करना शुरू कर दिया है। क्योंकि शौचालय बनवाने के लिए अभी तक उन्हें धनराशि नहीं मिली।
जलालाबाद कस्बे के अंदर अभी भी सैकड़ों परिवार ऐसे हैं जो आज भी खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर है। वार्ड छह में मोहल्ला रामरतन मंडी, सहागाजीपुरा मोहल्ले में अधिकांश घरों में शौचालय नहीं है। नगर पंचायत ने लोगों से यह कहकर गड्ढे खुदवाए गए थे कि शौचालयों के निर्माण कराएंगे और दो किश्तों में धनराशि मिलेगी। गड्ढे खोदे हुए को दो से तीन माह हो चुके हैं, लेकिन गरीब परिवारों को शौचालय निर्माण का कोई धन प्राप्त नहीं हुआ।
जिसके कारण शौचालय के गड्ढों में बच्चे गिरने लगे और परिवार के लोगों को चोट लगने लगी। जिस कारण लोगों ने अपने गड्ढे बंद करने शुरू कर दिए हैं। मजबूरी के चलते कई परिवार की महिलाएं पड़ोसी के यहां शौचालय जाती हैं।
बाला, उमली, मौसम, सूफिया, श्यामलाल, राजकुमार, रितेश, जयपाल, धनपाल, सेवाराम, बाबू राम, महेंद्र, अली हसन, मांगा, रईस, कंवरपाल आदि के परिवार शौचालय न होने से घर के बाहर जाते हैं। नगर पंचायत के वरिष्ठ लिपिक ब्रह्मपाल शर्मा का कहना है कि शौचालय निर्माण के प्रभारी पुष्पेंद्र ही इस बारे में जानकारी दे सकते हैं।
उधर, वार्ड सभासद डॉ. सुभाष चंद्र आर्य का कहना है कि शौचालय निर्माण के बारे में अधिशासी अधिकारी से कई बार बात की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। वार्ड के नामित सभासद रविंद्र कश्यप का कहना है कि नगर पंचायत स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ओडीएफ प्रमाण पत्र लेने की तैयारी तो कर रही है, परंतु वार्ड में कई दर्जन परिवारों के यहां शौचालय नहीं बने हैं।