शामली के कैराना में शासन के आदेश पर दूसरे दिन भी कैराना से पलायन किए गए लोगों की सूची का सत्यापन किया गया। बुधवार को हल्का इंचार्ज उपनिरीक्षकों ने अलग अलग मोहल्ले में पहुंचकर पलायन सूची का सत्यापन किया। इस दौरान कई घर बंद मिले, जिनमें रहने वाले लोग दूसरे शहरों में जाकर शिफ्ट हो गए हैं।
पलायन की सूची के सत्यापन के लिए मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, सीओ राजेश तिवारी और कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह ने कैराना की गलियों में जांच की थी। वहीं, बुधवार को हल्का इंचार्ज को सूची का सत्यापन कराने में लगाया गया। इस दौरान कस्बा कैराना की किला गेट चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह ने मोहल्ला गुम्बद में व्यापारी अरविंद सिंघल के मकान पर पहुंचकर जांच की, तो मालूम चला कि अरविंद सिंघल शामली जाकर रहने लगे हैं। मोहल्ला पट्टोवाला में रहने वाले गुरुचरण के बारे में जानकारी की, तो वहां पड़ोसियों ने बताया कि गुरुचरण दिल्ली में रहने लगे हैं। इसके अलावा चौक बाजार निवासी ईश्वरचंद उर्फ बिल्लू के मकान पर पहुंचकर पता चला कि वह काफी समय से पानीपत में जाकर बस गए हैं। वहीं, टीचर्स कालोनी निवासी मनोहर पंजाबी भी दिल्ली में जाकर रहने लगे हैं।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह ने बताया कि पलायन संबंधी सूची का सत्यापन अभी चल रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। गौरतलब है कि सांसद रहे हुकुम सिंह ने 2016 में कैराना पलायन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने 346 परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी। उन्होंने कहा था कि गुंडागर्दी की वजह से कैराना से हिंदू परिवार पलायन कर रहे हैं। वहीं, प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। साथ ही प्रदेश शासन ने पलायन रोकने के लिए अलग से विभाग बनाने की कवायद शुरु की। इसी के चलते प्रदेश शासन के गृह विभाग के निर्देश पर पलायन संबंधी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।