आम की फसल पर रोग लगने से होगा नुकसान
शामली। बरसात के मौसम में आम के बागों में नमी और ज्यादा तापमान होने से एन्थ्रेकनोज, काला सड़न, फल मक्खी व फल छेदक, थ्रिप्स आदि रोग का प्रकोप होने की संभावना बढ़ गई है।
जिले में आम मुख्य फसल है। वर्तमान में आम की अगेती एवं मध्य किस्मों में फल पक रहे हैं। बागवान ठेेकेदार मजदूूर तुड़ाई कर व़िक्रय किया जा रहा है। आम की फसल में समय-समय पर कीट रोगों के प्रकोप से उद्यान स्वामियों को काफी क्षति का सामना करना पड़ता है। जिला उद्यान अधिकारी डॉक्टर हरित कुमार ने बताया कि आम की फसल में सुड़ी कीट फल में छेद कर गूदे को खाकर क्षति पहुंचाता है, जिससे फल सड़ने लगता है। थ्रिप्स कीट द्वारा फल के छिलके को खाकर-खुरच कमर हानि पहुंचाई जाती है, जिससे फल में काले धब्बे पड़ जाते है। अपरिहार्य स्थिति में क्लोरपाइरीफास 20 इसी 02 मिली प्रतिलीटर पानी में तथा एंथ्रकनोज, काला सड़न रोग के बचाव हेतु कार्बेन्डाजिंम 01 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव किया जाए। मक्खी या फल मक्खी की नियंत्रण के लिए 100 मिली दवा युक्त पानी के घोल मिथाइल यूजिनाल 0.1 प्रतिशत एवं मैलाथियान 0.1 प्रतिशत को चैडे मुंह की शीशियों में डालकर 10 बोतल ट्रेप्स/हेक्टेयर की दर से पेड पर लटकाया जाए।