संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। श्री हनुमानधाम में 53वें श्री राम लीला महोत्सव में श्रीराम-लक्ष्मण, भरत और शत्रुघन की गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा दीक्षा, विश्वामित्र का अयोध्या आकर मांगना की लीला का सुंदर मंचन किया गया। मथुरा के कलाकारों ने राजा दशरथ चारों पुत्र श्री राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न को गुरु वशिष्ठ अपने आश्रम में लेकर दीक्षा और शिक्षा के लिए लेकर आते हैं। गुरु वशिष्ठ उनकी शिक्षा पूर्ण कराते हैं। गुरु विश्वामित्र हवन यज्ञ करते है। हवन यज्ञ को राक्षस बार-बार विध्वंस करते हैं। ऋषि विश्वामित्र यज्ञ की रक्षा के लिए अयोध्या के लिए प्रस्थान करते है। ऋषि विश्वामित्र अयोध्या में महाराज राजा दशरथ के दरबार में पहुंचकर यज्ञ की रक्षा करने के लिए विनती करते हैं। राम लक्ष्मण को कुछ समय के लिए साथ भेजने के लिए कहते हैं।
ऋषि विश्वामित्र के समझाने पर वह राजी हो जाते हैं। विश्वामित्र को राम लक्ष्मण को लेकर वन की प्रस्थान करते हैं। विश्वामित्र राम लक्ष्मण को लेकर ताड़का वन पहुंचते हैं, जहां पर ताड़का राक्षसी दो पुत्रों सुबाहू और मारीच के बारे में बताते है। शानदार अभिनय मथुरा के कलाकारों ने किया। इस अवसर पर व्यवस्था प्रमुख शरद द्विवेदी, जोगेंद्र पाल सेठी, दीपक सैनी, सचिव मनोज मित्तल, बृजमोहन शर्मा, प्रचार मंत्री रवि संगल, वंश नामदेव, दिनेश पाठक, आदेश शर्मा, राजकुमार मलिक आदि मौजूद रहे।
26 सितंबर को निकलेगी श्रीराम बारात
श्री राम की बारात 26 सितंबर को 4 बजे से भारत के प्रसिद्ध बैंड बाजा, ढोल नगाड़ा, म्यूजिक पार्टी, आकर्षक झांकियों द्वारा नगर के अनेक मार्गों से निकाली जाएगी। श्री राम और सीता की वरमाला की रस्म प्रसिद्ध समाजसेवी मनोज मित्तल, प्रमोद मित्तल शास्त्री स्वीट्स परिवार की ओर से मोहल्ला मुरारी वाला कुआं पर संपन्न होगी। यह जानकारी कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल सेठी ने दी।
श्रीराम लक्ष्मण को मांग कर ले गए गुरु विश्वामित्र
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कैराना। गोशाला भवन में चल रही श्री रामलीला में भगवान राम के जन्म के बाद ऋषि विश्वामित्र द्वारा महाराजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए ले जाने और वहां पर ताड़का सहित कई राक्षसों के वध का बहुत ही प्रभावी मंचन किया गया। महाराजा दशरथ का अभिनय रामअवतार मित्तल, राम का अभिनय रोहित, लक्ष्मण का अभिनय तुषार वर्मा, भरत का अभिनय आयुष गर्ग, शत्रुघन का अभिनय भालू मित्तल, विश्वामित्र का अभिनय आशु गर्ग, मारीच और सुबाहु आशीष नामदेव व प्रमोद गोयल, वशिष्ठ का अभिनय डॉ. सुशील कुमार ने किया।
वेदवती द्वारा रावण को श्राप देने का हुआ मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
कांधला। नगर के श्री राम लीला कमेटी पंजाबी धर्मशाला के मंचन स्थल पर शुक्रवार को रावण व वेदवती संवाद की लीला का मंचन प्रस्तुत किया गया। जिसमें लंकेश रावण वन में भगवान श्रीहरि की पूजा कर रही विष्णु भक्त वेदवती पर नजर डालकर विवाह का प्रस्ताव रखता है। वेदवती द्वारा विवाह का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिए जाने के बाद रावण क्रोधित हो जाता है। वेदवती रावण को श्राप देती है। वहीं श्रवण कुमार प्रसंग का भी मंचन हुआ। श्रवण कुमार की मार्मिक लीला का मंचन देखकर दर्शक भी भाव विभोर हो उठे। इस दौरान आकाश सिंघल, प्रशांत शर्मा, रंजन शर्मा, बृजेश शर्मा, प्रतीक जैन, बाबू, सर्वेश वर्मा, सहित अन्य कलाकारों ने अभिनय ने प्रस्तुत किया।