रमजान माह के पहले जुमे की नमाज पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। इस दौरान अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन चैन और आपसी सौहार्द कायम करने की दुआ की।
शुक्रवार को शहर तथा आसपास क्षेत्रों में पवित्र माह रमजान के पहले जुमे की नमाज पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा हुई। दोपहर में मुख्य नमाज शहर के बड़ा बाजार स्थित जामा मस्जिद में हुई। इस दौरान मौलाना शौकीन ने बयान करते हुए फरमाया कि माहे रमजान रहमत और बरकतों का महीना है। इसमें खुदा जन्नत के दरवाजे खोल देता है और रहमतों की बारिश से अपने बंदों का नवाजता है। उन्होंने कहा कि रोजा रखने का मतलब सिर्फ भूखे और प्यासा रहना नहीं बल्कि रोजा पूरे शरीर का होता है। रोजा हाथ, पैर, जीभ, आंख, कान और पूरे जिस्म से होता है। हमें रोजे के दौरान अपने जिस्म के किसी भी हिस्से से गुनाह करने से बचना चाहिए। रोजा के दौरान खुदा की इबादत जरूरी है।
उन्होंने सभी से रमजान के दौरान रोजा और इबादत पर ध्यान देने का आह्वान किया है। इसके बाद जुमे की नमाज अदा कराई गई। मस्जिद में जगह न मिलने पर अकीदतमंदों ने बड़ा बाजार में अकीदतमंदों ने नमाज अदा की गई। इसके अलावा शहर के नया बाजार स्थित हिंदी वाली मस्जिद, आजाद चौक स्थित कुरैशियान मस्जिद, फव्वारा चौक स्थित गढ़ीवाली मस्जिद, भटियारों वाली मस्जिद, दिल्ली रोड स्थित मदरसा इमदादिया रशीदिया, कलंदरशाह मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद, चांद मस्जिद, नूरानी मस्जिद, सलेक विहार स्थित मुहम्मदी मस्जिद, सरवर पीर मस्जिद, जैन मोहल्ला स्थित तकिये वाले मस्जिद आदि में भी जुमे की नमाज अदा हुई। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाली प्रभारी सुभाष सिंह राठौर पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
उधर, कैराना में जुमे की नमाज की जामा मस्जिद में मौलाना ताहिर ने अदा कराई। मौलाना ताहिर ने मुल्क में सभी बीमारों को शिफा अता कराने की भी दुआ कराई गई। इसके अलावा कस्बे की अड्डे वाली मस्जिद, सराय वाली मस्जिद, दरबार वाली मस्जिद, खजूरों वाली मस्जिद, हसनी मस्जिद, पीर वाली मस्जिद समेत सभी प्रमुख मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। जुमे की नमाज को लेकर नगरपालिका चेयरमैन हाजी अनवर हसन ने नगर में साफ सफाई कराने के साथ ही सड़कों के किनारे कली चूना डलवाया। इस दौरान कस्बे में शांति व्यवस्था के लिए मस्जिदों के आसपास पर पुलिस फोर्स तैनात रहा।