शामली। विधानसभा सीट शामली पर भाजपा की जीत में जहां शहरी वोटरों का बड़ा योगदान रहा, तो देहात क्षेत्र के हर गांव में भाजपा को वोट मिलना जीत के अंतर को और बढ़ाता चला गया। यही वजह रही कि भाजपा ने इस सीट पर सबसे ज्यादा अंतर से जीत दर्ज की।
स्थिति यह रही कि जाट और गुर्जर बहुल गांवों में भी भाजपा प्रत्याशी तेजेंद्र निर्वाल को वोट मिले, जबकि इन गांवों में अलग अलग पार्टियों को लेकर माहौल बताया जा रहा था।
जाट बाहुल्य गांवों में रालोद, तो गुर्जर बहुल गांवों में निर्दलीय प्रत्याशी मनीष चौहान की स्थिति मजबूत बताई जा रही थी। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी तेजेंद्र निर्वाल हर गांव में वोट लेते रहे। वहीं, शामली शहर में करीब 30 से ज्यादा वोट लेकर भाजपा प्रत्याशी ने जो बढ़त बनाई, तो वह कांधला क्षेत्र के जाट बाहुल्य और मुस्लिम बाहुल्य गांवों में पहुंचने पर भी कम नहीं हो सकी और आखिर में भाजपा प्रत्याशी तेजेंद्र निर्वाल 70085 वोट पाकर 29720 वोटों के अंतर से दूसरे नंबर पर रहे पंकज मलिक को हराकर जीत दर्ज कर ली।
शामली सीट पर सपा-कांग्रेस गठबंधन को प्रत्याशी बदलना भारी पड़ा। सपा ने पहले तो एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन फिर गठबंधन में यह सीट कांग्रेस को मिल गई। मनीष चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़कर गठबंधन के प्रत्याशी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। कांग्रेस के पंकज मलिक ने 40365 वोट पाए, जबकि मनीष चौहान को 31824 मिले। इन दोनों के वोट जोड़ दिए जाएं, तो 72189 होते हैं, जो जीत के आंकड़े को पार करने के काफी होते।
लोकसभा के नतीजों को नहीं दोहरा पाईं पार्टियां
शामली। लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नाम की लहर चली थी, तो भाजपा प्रत्याशियों की भारी वोटों से जीत हुई थी। कैराना लोकसभा सीट की पांच विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशी हुकुम सिंह को 565909 वोट मिले थे, जबकि सपा को 329081, रालोद को 42706 और बसपा को 106414 वोट प्राप्त हुए थे।
तीनों सीटों पर रालोद ने लोकसभा चुनाव के नतीजों से कहीं ज्यादा वोट प्राप्त किए हैं, जबकि थानाभवन सीट पर बसपा ने बढ़त बनाई। इनमें शामली जिले की तीन विधानसभाओं की बात करें, तो लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में शामली सीट पर सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी को महज 40365 वोट ही मिले, जबकि लोकसभा में शामली सीट पर सपा प्रत्याशी को 51292 वोट मिले थे। वहीं, कैराना सीट पर भाजपा प्रत्याशी ने लोकसभा चुनाव में 100462 पाए थे, जबकि इस चुनाव में भाजपा सिर्फ 77529 वोट ही मिल सके। बसपा को कैराना सीट पर 23741 वोट मिले थे, जबकि इस चुनाव में 7047 वोट ही मिल पाए।
रालोद के वोट बैंक में लोकसभा चुनाव से मुकाबले इस बार विधानसभा चुनाव में कैराना सीट पर इजाफा हुआ और रालोद प्रत्याशी ने 19992 वोट हासिल कर लिए। उधर, थानाभवन सीट पर लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी ने 58764 वोट पाए थे, जबकि अब इस सीट पर सपा प्रत्याशी को सिर्फ 13480 वोट ही मिल सके। बसपा ने इस सीट पर लोकसभा चुनाव के मुकाबले जरूर बढ़त बनाई और 23102 से बढकर 74178 वोट बसपा प्रत्याशी को मिल गए। वहीं, रालोद प्रत्याशी भी लोकसभा चुनाव में 12407 मिले थे, जबकि बढ़त बनाकर 31275 वोट प्राप्त कर लिए।
चुनिंदा इलाकों के ऐसे रहे आंकड़े
गांव तेजेंद्र निर्वाल पंकज मलिक बिजेंद्र मलिक मनीष चौहान
खेड़ीकरमू 1540 1091 610 88
लिसाढ़ 1769 257 2891 111
लांक 1261 353 2504 157
कुडाना 1692 878 1864 25
भाज्जू 1208 272 1420 208
किवाना 254 57 1631 100
जसाला 720 1367 34 98
खंदरावली 1081 968 211 1576
पंजोखरा 650 11 17 949
रसूलपुर गुजरान 435 6 6 890
बलवा 1442 511 50 1724
गंगेरू 1517 4462 200 3161
खेड़ा कुर्तान 322 592 15 600
इस्लामपुर घसौली 529 123 76 514
मलकपुर 50 127 475 695
शामली मदरसा इमदादिया 197 3104 71 744
वीवी इंटर कॉलेज शामली 3205 2514 80 447