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भगवान राम ने किया राक्षसी ताड़का वध, गूंजे जयकारे

Tue, 13 Oct 2015 12:55 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
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शामली।  श्री हनुमान धाम पर आयोजित श्रीराम लीला महोत्सव में ताड़का वध, अहिल्या उद्धार लीला का सुंदर मंचन किया गया। दिल्ली से पहुंचे कलाकार ने ताड़का  के अभिनय करके दर्शकों को आश्चर्य चकित कर दिया।
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रविवार की रात्रि में श्री हनुमान धाम में आयोजित श्रीराम लीला रंगमच पर ऋषि विश्वामित्र यज्ञ कर रहे है। राक्षस उनके यज्ञ में विघ्न डालते हैं। नारायण के अवतार की जानकारी पाकर वह अयोध्या में पहुंचकर राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को मांगते हैं।
 महर्षि विश्वामित्र राम-लक्ष्मण को साथ लेकर वन में आते हैं। अगस्त मुनि के श्राप से राक्षसी ताड़का अपने सुबाहू  मारीच के साथ यज्ञ विध्वंस करना चाहती है। श्रीराम -ताड़का सुबाहू मारीच का भयंकर युद्ध होता है।  युद्ध में ताड़का सुबाहू मारे जाते हैं। मारीच को बिना नोंक का बाण चलाकर  लंका में फेंक देते हैं।
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दिल्ली से पहुंचे कलाकार बलराज सैनी ने ताड़का के अभिनय करके दर्शक आश्चर्य चकित हो गए। मुंह से आग निकालने से ताड़का के अभिनय बच्चे डर गए।   श्री विश्वामित्र को जनकपुर से सीता स्वयंवर का न्यौता मिलता है। वह श्रीराम - लक्ष्मण  को साथ  लेकर जनकपुरी के लिए प्रस्थान करते हैं।  रास्ते में एक शिला मिलती है। श्रीराम के चरण स्पर्श से शिला एक युवती के रूप में बदल जाती है।


विश्वामित्र शिला से युवती रूप धारण के संबंध में पूरा किस्सा बताते हैं। ताडका का अभिनय बलराज सैनी ने किया।  विश्वामित्र का अभिनय दिनेश पाठक, राजा दशरथ का अभिनय आदेश शर्मा, श्रीराम का अभिनय रवि पाठक, लक्ष्मण का आशुतोष पाठक ने शानदार अभिनय किया। मंच का         संचालक लोकेश शर्मा और अनुराग शर्मा  ने किया।
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