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Shamli News: मदरसा प्रबंधक की हत्या में मदरसे के तीन शिक्षकों को आजीवन कारावास

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कैराना। 2020 में रुपयों के लालच में मवी के मदरसा प्रबंधक की हत्या करने के मामले में दोष सिद्ध पाये जाने पर जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने मदरसे के ही तीन शिक्षकों अब्दुल्ला निवासी मदरसा गांव मवी, तौसीफ निवासी खुजनावर थाना फतेहपुर सहारनपुर व वाजिद निवासी मोहल्ला खैलकला कैराना को आजीवन कठोर कारावास व 1 लाख 85 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के माता-पिता को दी जाएगी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पुंडीर ने बताया कि 21 अप्रैल 2020 को मवी के मदरसे के शिक्षक अब्दुल्ला ने तहरीर दी थी कि 16 अप्रैल की सुबह साढ़े 7 बजे मदरसे का प्रबंधक मुफ्ती सुफियान निवासी नूरबस्ती, बेहट अड्डा, सहारनपुर बाइक से मदरसे पर यह कह कर गए थे कि कैराना से खाने पीने का राशन लेने जा रहा हूं। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं है। 23 अप्रैल को मदरसा प्रबंधक के पिता हबीबुर्रहमान द्वारा अब्दुल्ला व तौसीफ के विरुद्ध तहरीर दी गई थी कि मदरसे के चंदे का बहुत सा रुपया था, जिसको लूटने के उद्देश्य से उसके बेटे की हत्या कर दी। साथ ही शव को खुर्दबुर्द कर दिया। पुलिस ने तीनों मुजरिमों को गिरफ्तार करके उनकी निशानदेही पर यमुना नदी से शव को बरामद कर लिया था। मुजरिमों ने ईंटों से हत्या करने के बाद शव को जला कर बोरे में बंद करने के बाद यमुना में बहा दिया था। शव का डीएनए मृतक के पिता के डीएनए से मेल खाया था। मुजरिमों के पास से मदरसे से लूटी गई 90 हजार की विदेशी मुद्रा व 50 हजार की भारतीय मुद्रा बरामद हुई थी। मृतक की बाइक व हत्या में प्रयुक्त ईंटें भी पुलिस ने बरामद कर ली थीं। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 7 गवाह पेश किए गए। सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने मदरसे के ही तीन शिक्षकों अब्दुल्ला निवासी मदरसा गांव मवी, तौसीफ निवासी खुजनावर थाना फतेहपुर सहारनपुर व वाजिद निवासी मोहल्ला खैलकला कैराना को आजीवन कठोर कारावास व 1 लाख 85 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के माता-पिता को दी जाएगी। पीड़ित पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी एडवोकेट कुर्बान ने की।
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