शामली में रजिस्ट्री कार्यालय पर तालाबंदी कर धरना देते अधिवक्ता।
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शामली में जिला न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को रजिस्ट्री दफ्तर पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री दफ्तर बंद करा दिया और प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शामली जिला 2011 में बना था, जिसके बाद से जिला न्यायालय स्थापना की मांग लगातार की जा रही है। मगर, स्थापना नहीं हुई। इस कारण शामली जिले के वादकारियों को मुजफ्फरनगर जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जिला न्यायालय की स्थापना के लिए करनाल रोड स्थित आरके इंटर कॉलेज के भवन, माजरा रोड स्थित चौधरी चरण सिंह स्मृति भवन, रेलपार स्थित संगम बरात घर का प्रस्ताव भेजा गया था। एक साल पूर्व ही प्रशासनिक न्यायाधीश और ओएसडी ने संगम बरात घर का निरीक्षण किया था। नगर पालिका परिषद शामली ने भी इसका प्रस्ताव करके स्वीकृति प्रदान कर दी थी। इसके बाद भी जिला न्यायालय की स्थापना नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय की स्थापना अविलंब नहीं कराई जाती है, तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
इस दौरान महासचिव नीलकम, कोषाध्यक्ष राजेश आर्यन, चंद्रवीर मलिक, सतीश चौहान, सतीश कुमार मिठालिया, चंद्रभान सिंह, संजय शर्मा, सौराज सिंह, मुकेश गर्ग, रविंद्र कुमार, मनोज जांगिड, प्रवीण कुमार, जगदेव सिंह, दीपक कौशिक, रामफूल सिंह, सत्यपाल कश्यप, अमरदीप आर्य, सतेंद्र धीरयान, विवेक कुमार, अशोक कुमार, अरविंद जावला, प्रताप सिंह राठौर, राजकुमार, जसपाल राणा, रामकुमार वर्मा, जयपाल चौहान, विपिन सैनी, मणिकांत सैनी, कृष्णदत्त शर्मा, राहुल वशिष्ठ, ओमपाल, धीर सिंह मलिक, मदन सिंह, रवि चौधरी, श्यामवती, नीलमपुरी, सुमन आर्यन और दीपा कंकरवाल आदि मौजूद रहे।