बाबरी क्षेत्र के गांव करैदा हाथी में हुई पंचायत में बोलते बाबा श्याम सिंह।
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शामली के करौंदा हाथी गांव के जूनियर हाईस्कूल में हुई पंचायत में गायब मां- बेटी को तलाश करके दस दिन में महीपाल के परिजनों को सौंपा जाए। इस दौरान महीपाल की जमीन भी नहीं खरीदने का निर्णय लिया गया है।
बृहस्पतिवार को करौंदा हाथी गांव के जूनियर हाई स्कूल में बाबरी क्षेत्र के गांव में दस गांवों की बैठक हुई है। गठवाला खाप के बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गांव की लापता मां -बेटी को तलाश करने का निर्णय लिया गया।
मां बेटी को महीपाल सिंह को सौंपने तथा महीपाल की जमीन न खरीदी जाए। गौरतलब तथ्य है कि हाथी करौदा गांव के महीपाल सिंह ने वर्ष 2006 मे देहरादून की एक युवती से शादी की थी। जिसके एक पुत्र व पुत्री हुई। महीपाल की वर्ष 2011 व उसके पुत्र की मौत वर्ष 2014 में हो गई थी। दो सप्ताह पूर्व मां- बेटी गायब होगई। गांव के लोगो ने बुलाई बैठक में मां बेटी के गायब करने मे गांव के एक व्यक्ति का हाथ मानकर आरोपी परिवार को तलाश करने की जिम्मेदारी सौपी है।
पंचायत में कहा गया कि गायब मां वापस नहीं आना चाहती तो ठीक है, किंतु बेटी का तलाश कर महीपाल की पूर्व पत्नी को सौपी जाए। महीपाल की भूमि न
खरीदने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर रामपाल सिंह बुटराडा, जगवीर फौजी, करौदा हाथी के प्रधान सरवीर सिह, मलिक, श्यामपाल सिंह, कालू सिंह, राजकुमार, देवेंद्र, धर्मवीर सिंह, अशोक कुमार, तेजपाल सिंह मौजूद रहे।