शामली। जिला मुख्यालय की आरक्षित भूमि को जाने वाले रास्ते को खुलवाने गए तहसीलदार समेत अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने अधिकारियों के साथ बदसलूकी कर दी। सूचना पर एसडीएम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। हंगामा कर रहे ग्रामीणों को पुलिस लाठियां भांजकर खदेड़ा। तब कहीं जाकर जमीन खाली हुई।
जिला मुख्यालय के लिए पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी, बधेव, मुंड़ेट और भैंसवाल की 265 एकड़ भूमि प्रस्तावित थी। जिला मुख्यालय की प्रस्तावित भूमि को पूर्वी यमुना नहर के अधिकारियों ने अस्थाई रूप से पट्टे आवंटित किए थे। जिन्हें प्रशासन ने निरस्त करते हुए जिला मुख्यालय के लिए आवंटित कर दी। शासन ने जिला मुख्यालय के निर्माण के लिए धनराशि भी जारी कर दी है।
पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने सेे पूर्व डीएम ओपी वर्मा समेत अधिकारियों की मौजूदगी में जिला मुख्यालय भवन की आधारशिला रखते हुए भूमि पूजन किया था। एक सप्ताह पूर्व डीएम ने जिला मुख्यालय की निर्माण एजेंसियों की बैठक लेकर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे।
बुधवार सुबह दस बजे तहसीलदार विरेंद्र मित्तल, डीआरडीए के सहायक अभियंता दिनेश सिंघल और लेखपालों की टीम जिला मुख्यालय के आरक्षित भूमि का रास्ता खुलवाने के लिए गोहरनी गांव के पास पहुंचे थे, जैसे तहसीलदार सदर ने आरक्षित भूमि का रास्ता खुलवाने की कार्रवाई शुरू की, तो गोहरनी, रामगढ़ गांव के लोग हाथों में दराती, बलकटी, लाठी-डंडे लेकर मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों- महिलाओं ने तहसीलदार और राजस्व टीम को घेरकर विरोध किया।
ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें प्रशासन ने नोटिस तक नहीं दिया। वह कैसे उनकी जमीन खाली कराने आ गए। अगर जमीन चली गई, तो वे उजड़ जाएंगे। विरोध को देखते हुए तहसीलदार विरेंद्र मित्तल, डीआरडीए के सहायक अभियंता दिनेश सिंघल और लेखपाल अलग जाकर बैठ गए। मामले की जानकारी एसडीएम सदर श्याम अवध चौहान को दी गई।
एसडीएम सदर थाना आदर्श मंडी पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। विरोध कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने लाठियां भांपकर दौड़ा दिया। लाठीचार्ज को देखकर मौके पर मौजूद महिलाए बिलख-बिलखकर रो पड़ी। मौके पर पहुंची अधिकारियों न े महिलाओं-ग्रामीणों को समझा बुझाकर जिला मुख्यालय के लिए रास्ता खुलवाया।
तहसीलदार विरेंद्र मित्तल ने बताया कि जिला मुख्यालय के निर्माण के लिए ईंट आ गई थी, उन ईंटों को लेकर वह जिला मुख्यालय के लिए रास्ता बनवाने गए थे। ग्रामीणों-महिलाओं ने विरोध करते हुए अभद्रता किया है। एसडीएम श्याम अवध चौहान ने स्वीकार किया कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए हलका बल प्रयोग किया था, जिन्हें समझाबुझाकर शांत करा दिया था।
जिला मुख्यालय की भूमि पर रास्ता खुलवाने के दौरान हंगामा कर रहे दो ग्रामीणों को पुलिस ने जीप में बैठा लिया था। रामगढ़ की वृद्धा रामप्यारी को भी महिला पुलिस कांस्टेबिल ने हड़काया। कांस्टेबिल के हड़काते ही वृद्धा की आंखों में बेबसी के आंसू आ गए।