शामली। श्री मंदिर हनुमानटीला हनुमान धाम के श्रीरामलीला रंगमंच पर 53वें रामलीला महोत्सव में मथुरा के श्री अनंत भक्ति प्रकाश रामलीला मंडल के कलाकारों ने लक्ष्मण शक्ति और हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाए जाने की लीला का सुंदर मंचन किया गया।
सोमवार को श्री हनुमान धाम के रंगमंच पर श्रीराम और रावण की सेना मेें युद्ध की तैयारियों का जयघोष होता है। रावण का पुत्र मेघनाथ युद्ध के लिए प्रस्थान करता है। मेघनाथ और लक्ष्मण में भयंकर युद्ध होता है। युद्ध में लक्ष्मण इंद्रजीत पर भारी पड़ते हैं। आखिर में मेघनाथ अमोघ शक्ति चलाता है। अमोघ शक्ति लगने से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। श्रीराम विलाप करते हैं। विभीषण की सलाह पर सुषेण वैद्य को लंका से बुलाया जाता है। सुषेण वैद्य बताते हैं कि संजीवनी बूटी से लक्ष्मण के प्राण बचाए जा सकते हैं। तब हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर आते हैं और लक्ष्मण जी के प्राण बच जाते हैं।
इस अवसर पर रामलीला के सचिव प्रतीक अग्रवाल, रमेश धीमान, शरद द्विवेदी, संदीप नामदेव, मुकेश मैनेजर, उत्तम नामदेव, लोकेश वाचस्पति, कृष्ण कुमार शर्मा, सुरेश चंद शर्मा, बिरेश जैन, भूपेंद्र मलिक, गुरु शरणम रुहेला, शिवम गिरी, नमन कर्नवाल, लाल सिंह लचक, निशांत पाठक, सुनील अरोड़ा टम्मी, जोगेंद्र पाल सेठी, अमित प्रजापति, वंश नामदेव आदि उपस्थित रहे।
अंगद ने की युद्ध की घोषणा
कांधला। श्री रामलीला कमेटी मंडप पंचवटी के तत्वावधान में रामलीला मंचन में वानर सेना सहित श्री हनुमान जी माता सीता की खोज करते हुए समुद्र तट की ओर पहुंच जाते हैं, जहां जटायु के भाई संपती से वानर दल की भेंट होती है। जामवंत द्वारा बल याद दिलाने के बाद हनुमान जी समुंदर को लांघकर लंका पहुंच जाते हैं और अशोक वाटिका में माता सीता की खोज करने के पश्चात अक्षय कुमार का वध कर लंका दहन कर वापस रामदल लौटकर भगवान श्रीराम को माता सीता की खोज का समाचार सुनाते है।
श्रीराम लीला कमेटी पंजाबी धर्मशाला के तत्वावधान में लीला मंचन के दौरान भगवान राम के आशीर्वाद से राम दल द्वारा सैकड़ों योजन समुंदर पर राम सेतु का निर्माण कर लंका पहुंच जाते हैं, जहां भगवान राम बाली पुत्र अंगद को दूत बनाकर लंका भेजते हैं। युवराज अंगद द्वारा रावण के समक्ष जाकर बार-बार माता-सीता को लौटाने तथा श्री राम की शरण में जाकर क्षमा मांगने का प्रस्ताव रखा जाता है लेकिन रावण अंगद के प्रस्ताव को ठुकरा देता है। युवराज अंगद रावण से युद्ध की घोषणा कर रामदल लौट आते हैं। रावण अंगद संवाद की सुंदर लीला को देखकर श्रोता गण रोमांचित उठे।
लक्ष्मण को शक्ति लगी, हनुमान जी संजीवनी बूटी लाए
गढ़ीपुख्ता। गांव हथछोया में रामलीला चौपाल में भव्य रामलीला महोत्सव मंचन में प्रभु श्री राम सुग्रीव एवं वानर सेना के साथ समुद्र के तट पर पहुंचते हैं। वहां पर श्रीराम भगवान शिव की तीन दिन तक आराधना करते हैं और समुद्र से रास्ता मांगते हैं। समुद्र के रास्ता नहीं देने पर वह अग्निबाण चलाने के लिए तैयार होते हैं। उससे पहले समुद्र माफी मांग कर उन्हें बताता है कि उनकी सेना में नल और नील नाम के दो वानर हैं, जिन्हें वरदान है कि वह जिस पत्थर को हाथ लगाए, वह पत्थर पानी में तैरने लगेगा। नल और नील की सहायता से एक भव्य पुल तैयार किया जाता है, जिसे पार कर राम की सेना लंका पहुंच जाती है। वहां अंगद को लंका में रावण के दरबार में दूत बनाकर भेजा जाता है।
रावण और अंगद का संवाद होता है। रावण आदेश देता है कि इस वानर को समुद्र में उठाकर फेंक दो तब अंगद अपना पैर जमा कर खड़ा हो जाता है और कहता है कि तुम में से कोई मेरा पैर हिला दे तो मैं तुम्हारी वीरता को जानू। सभी राक्षस हार मान जाते हैं। जब रावण अंगद का पैर हिलाने के लिए आता है तो अंगद अपना पैर हटा लेते हैं और कहते हैं कि भगवान श्री राम के पैर पकड़ो, इसमें ही तुम्हारी भलाई है। युद्ध का ऐलान हो जाता है। रावण दल की ओर से मेघनाथ की कमान संभालता है। अमोघ शक्ति लक्ष्मण जी को शक्ति लग जाती है। सुषेण वैद्य की सलाह पर हनुमान जी द्रोणागिरी पर्वत पर संजीवनी बूटी लाने जाते हैं लेकिन बूटी की पहचान नहीं होने पर पूरा पर्वत ही उठा लाते हैं। बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण जी ठीक हो जाते हैं। रामचंद्र का किरदार अंकुश तोमर, लक्ष्मण का हर्ष शर्मा, हनुमान का नरेश तोमर, रावण का विकास शर्मा, सीता का रोहित कश्यप, मेघनाथ का अवनीष तोमर, विभिषण का राजन तोमर, अंगद का मोहित शर्मा ने निभाया। डायेक्टर रणबीर तोमर, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जसवीर तोमर, भोला तोमर, अनिल तोमर, उमेश लाला, अरविंद लाला, टीटू लाला, कुलदीप तोमर, अरुण तोमर, अस्मित तोमर आदि मौजूद रहे।
कांधला में रामलीला का मंचन करते कलाकार।- फोटो : SHAMLI
शामली हनुमान धाम पर रामलीला में लक्ष्मण की मूर्छा टूटने प्रसंग का मंचन करते कलाकार।- फोटो : SHAMLI
चौसाना में रामलीला में लक्ष्मण मूर्छा प्रसंग का मंचन करते कलाकार।- फोटो : SHAMLI